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याचिकाकर्ता को पुलिस ने पीटा और बंधक बनाया

Wed, 18 Oct 2017 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बांदा
अमर उजाला ब्यूरो/बांदा Updated Wed, 18 Oct 2017 11:14 PM IST
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बांदा। अवैध खनन के विरुद्ध नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में रिट दायर करने वाले याचिकाकर्ता और समाजसेवी ब्रजमोहन यादव को रास्ते में रोककर पुलिस के उप निरीक्षक ने मारापीटा और दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश देकर याचिकाकर्ता को सुरक्षा मुहैया कराने का भरोसा दिलाया है। उदयपुर निवासी ब्रजमोहन की रिट पर एनजीटी सुनवाई कर रही है। हाल ही में दो दर्जन से ज्यादा बालू कारोबारियों को जुर्माना भी किया गया है। 17 नवंबर को अगली सुनवाई है। बुधवार को यहां पुलिस अधीक्षक से मिलकर उन्हें दी तहरीर में ब्रजमोहन ने बताया कि 17 अक्तूबर को शाम करीब सात बजे वह साथियों के साथ बाइक पर गांव से बदौसा आ रहा था। तभी रास्ते में बिसहर नाला पुल के पास बिसंडा थाने के उप निरीक्षक ने उसे रोक लिया और कालर पकड़कर मारपीट व अभद्रता की। दो घंटे  तक बंधक बनाए रखा। अवैध खनन की शिकायत करने पर जेल भेजने की धमकी दी। मोहन ने कहा कि अवैध खनन में लगी जेसीबी की शिकायत एसपी से करने पर उप निरीक्षक नाराज हैं।

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ब्रजमोहन ने बताया कि एसपी शालिनी ने कहा कि उप निरीक्षक के इस रवैये और बर्ताव के मामले में वह जांच करवाकर कार्रवाई करेंगी। साथ ही ब्रजमोहन को सुरक्षा का भी भरोसा दिलाया। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के पत्र और एनजीटी द्वारा दिए गए आदेशों का हवाला देकर इसी वर्ष मई माह में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने ब्रजमोहन यादव और उनके परिवार को समुचित सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। ब्रजमोहन का कहना है कि कुछ दिन सुरक्षा दी गई फिर खत्म कर दी गई। अब उसे बालू माफियाओं और मुकामी पुलिस दोनों से ही खतरा है।

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