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युवती फांसी पर झूली

Wed, 08 Mar 2017 11:51 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा Updated Wed, 08 Mar 2017 11:51 PM IST
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Maiden hanging on
तिंदवारी में मृतका के घर बिलखते परिजन व रिश्तेदार। - फोटो : अमर उजाला
विश्व महिला दिवस की पूर्व संध्या पर होमगार्ड की युवा पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका अपने पीछे दो मासूम पुत्र छोड़ गई है। घटना तिंदवारी थाना के तेरहीमाफी गांव की है। मंगलवार को शाम करीब आठ बजे होमगार्ड कमलेश यादव की लगभग 28 वर्षीय पत्नी रेखा यादव शौच के लिए जाने की बात कहकर घर से निकली थी। कुछ देर बाद उसका शव गांव के पास खेत में लगे बबूल के पेड़ में रस्सी के फंदे पर टंगा मिला। आसपास खेतों की कटाई कर रहे लोगों ने देखा तो घरवालों और पुलिस को खबर दी। पूरी रात शव पेड़ पर टंगा रहा। बुधवार को सुबह पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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पति कमलेश यादव तिंदवारी थाने में ड्यूटी करता है। उसने बताया कि पत्नी रेखा मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। अक्सर अपने बाल नोंचती और खुद को चोट पहुंचाने की कोशिश करती थी। शादी लगभग 15 वर्ष पूर्व हुई थी। मृतका के दो पुत्र 12 वर्षीय श्याम और 10 वर्षीय अमन हैं। मृतका के पिता मंगी यादव (बेनीपुर, मध्य प्रदेश) खबर मिलने पर यहां आ गए। उन्होंने भी रेखा को मानसिक रूप से परेशान रहने की बात कही। उधर, थानाध्यक्ष एके सिंह ने भी पति और पिता की बात पर मोहर लगाते पति को क्लीन चिट दी कि वह शांत और अच्छे स्वभाव का है।
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दादा-दादी के दम पर पलेंगे बच्चे  
तिंदवारी। करीब 12 वर्ष तक मां के आंचल में पले बढ़े नमन और अमन की परवरिश अब पिता कमलेश करेगा। दोनों मासूमों के पालन-पोषण में कमलेश की मदद दादा-दादी करेंगे।
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बुधवार को दोनों मासूमों के चेहरे उदास थे। उनके सामने ही मां का अंतिम संस्कार हुआ। घर-खानदान से लेकर गांव के लोग तक बच्चों को दुलारते रहे। लेकिन संस्कार के बाद यह दुलार सिमट कर पिता की गोद तक रह गया। शोकग्रस्त परिवार में अपने दोनों मासूम बेटों के साथ पिता कमलेश मायूस नजर आया। मात्र होमगार्ड ड्यूटी पर मिलने वाली दिहाड़ी से दोनों बेटों की परवरिश में संभावित दुश्वारियां उसके चेहरे पर साफ नजर आ रही थीं।


बेटे की इस परेशानी को भांपते हुए बच्चों के दादा जमहिरा उर्फ जवाहरलाल का कहना था कि- हमरे पास खाएं की कमी निहाए। दुई बच्चन का पाल लइबे। यही बात बच्चों की दादी (कमलेश की मां) चौबी देवी ने भी दोहराई। उनका कहना था कि अपनी छह बीघा फसल में वह बच्चों का पालन-पोषण करेंगे। दोनों ही सगे भाई नमन और अमन तिंदवारी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में क्रमश: कक्षा छह व चार में पढ़ते हैं।
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