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Bareilly News: संशोधित...बरेली व बंगलूरू में आईएएस ज्ञानेंद्र गंगवार के ठिकानों पर ईडी के छापे
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बरेली/बंगलूरू। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को बरेली और बंगलूरू में आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के ठिकानों पर छापे मारे। कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की ओर से आयोजित पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में कार्रवाई की जा रही है।
बरेली के नवाबगंज क्षेत्र के हिमकरपुर चमरौआ गांव स्थित उनके पैतृक निवास पर सुबह छह बजे ईडी की टीम लखनऊ नंबर की दो गाड़ियों से पहुंची और देर रात तक कार्रवाई जारी रही। गंगवार के परिवार को घर में नजरबंद करके तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत बेंगलुरु के जयामहल इलाके में भी गंगवार के ठिकानों की तलाशी ली गई। गंगवार पिछले दिनों बरेली आए थे। लेकिन यह पता नहीं चल सका है वह अपने घर में हैं या नहीं।
ज्ञानेंद्र गंगवार कर्नाटक कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह पहले केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर तैनात थे। मार्च में उनका तबादला हो गया। वह अभी कर्नाटक के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में एमएसएमई निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।
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बंगलूरू में गंगवार के लापता होने की खबर के बाद हुआ विवाद
22 अगस्त को बंगलूरू में गंगवार के लापता होने की खबर के बाद विवाद खड़ा हो गया था। बाद में, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने इसका खंडन करते हुए कहा कि वह अपने पिता की सेहत से जुड़ी पारिवारिक इमरजेंसी के कारण बरेली अपने घर गए हुए हैं। उनके लापता होने और इसका संबंध ईडी की तलाशी से होने की खबरें गलत हैं। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हैं कि लोग ऐसा निष्कर्ष निकाल सकते हैं लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है।
क्या है आरोप
ईडी का आरोप है कि बिचौलियों ने उम्मीदवारों को फोन किया और चयन के लिए 70 से 80 लाख रुपये (प्रति उम्मीदवार) की मांग की। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को भी फोन किया था। पेपर लीक, ओएमआर आंसर शीट से छेड़छाड़ और आयोग के अधिकारियों के रिश्तेदारों के चयन में मदद करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
कर्नाटक के गृहमंत्री ने गंगवार से की बात
खरगे ने कहा कि उन्होंने गंगवार से बात की है और वह जल्द ही लौट आएंगे। खरगे से गंगवार ने कहा कि एक सरकारी कर्मचारी के तौर पर वह किसी भी एजेंसी से जांच के लिए तैयार हैं। अभी उन पर कोई आरोप नहीं है और किसी ने भी उनके खिलाफ जांच की मांग नहीं की है।
वर्जन
गांव में छापा मारने की जानकारी मिली है। हालांकि स्थानीय पुलिस को इस संबंध में कुछ नहीं बताया गया है। उम्मीद है कि जाते वक्त टीम कोई जानकारी दे। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी उत्तरी
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बरेली के नवाबगंज क्षेत्र के हिमकरपुर चमरौआ गांव स्थित उनके पैतृक निवास पर सुबह छह बजे ईडी की टीम लखनऊ नंबर की दो गाड़ियों से पहुंची और देर रात तक कार्रवाई जारी रही। गंगवार के परिवार को घर में नजरबंद करके तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत बेंगलुरु के जयामहल इलाके में भी गंगवार के ठिकानों की तलाशी ली गई। गंगवार पिछले दिनों बरेली आए थे। लेकिन यह पता नहीं चल सका है वह अपने घर में हैं या नहीं।
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ज्ञानेंद्र गंगवार कर्नाटक कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह पहले केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर तैनात थे। मार्च में उनका तबादला हो गया। वह अभी कर्नाटक के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में एमएसएमई निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।
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बंगलूरू में गंगवार के लापता होने की खबर के बाद हुआ विवाद
22 अगस्त को बंगलूरू में गंगवार के लापता होने की खबर के बाद विवाद खड़ा हो गया था। बाद में, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने इसका खंडन करते हुए कहा कि वह अपने पिता की सेहत से जुड़ी पारिवारिक इमरजेंसी के कारण बरेली अपने घर गए हुए हैं। उनके लापता होने और इसका संबंध ईडी की तलाशी से होने की खबरें गलत हैं। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हैं कि लोग ऐसा निष्कर्ष निकाल सकते हैं लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है।
क्या है आरोप
ईडी का आरोप है कि बिचौलियों ने उम्मीदवारों को फोन किया और चयन के लिए 70 से 80 लाख रुपये (प्रति उम्मीदवार) की मांग की। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को भी फोन किया था। पेपर लीक, ओएमआर आंसर शीट से छेड़छाड़ और आयोग के अधिकारियों के रिश्तेदारों के चयन में मदद करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
कर्नाटक के गृहमंत्री ने गंगवार से की बात
खरगे ने कहा कि उन्होंने गंगवार से बात की है और वह जल्द ही लौट आएंगे। खरगे से गंगवार ने कहा कि एक सरकारी कर्मचारी के तौर पर वह किसी भी एजेंसी से जांच के लिए तैयार हैं। अभी उन पर कोई आरोप नहीं है और किसी ने भी उनके खिलाफ जांच की मांग नहीं की है।
वर्जन
गांव में छापा मारने की जानकारी मिली है। हालांकि स्थानीय पुलिस को इस संबंध में कुछ नहीं बताया गया है। उम्मीद है कि जाते वक्त टीम कोई जानकारी दे। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी उत्तरी