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दंपति की गला रेतकर हत्या में उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Wed, 12 Dec 2018 11:27 PM IST
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वृद्ध दंपति की सोते समय धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर देने के जुर्म में अभियुक्त को उम्रकैद और 20 हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
पैलानी थाना क्षेत्र के गांव सिंधनकलां गांव निवासी राजबहादुर सिंह पुत्र अमीर सिंह 17 अगस्त 2010 की रात घर में सो रहा था। पिता अमीर सिंह (60) पुत्र गजराज सिंह और मां श्याम कली देवी (56) पत्नी अमीर सिंह ऊपर वाले हिस्से में सो रहे थे। तभी आहट पाकर राजबहादुर ऊपरी हिस्से में गया तो देखा कि माता-पिता की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। राजबहादुर ने गांव के एक अभियुक्त पिंटू उर्फ जितेंद्र सिंह पुत्र रणधीर सिंह को पहचान लिया था।
चारों अभियुक्त कूदकर भाग गये। घटना के दूसरे दिन राजबहादुर ने पिंटू व 3 अन्य अज्ञात के खिलाफ दोहरी हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के दौरान एक और अभियुक्त धर्मपाल सिंह पुत्र हरप्रसाद सिंह निवासी सिंधनकलां का नाम दर्ज किया। दो अन्य अभियुक्तों का पुलिस पता नहीं लगा पाई। पिंटू व धर्मपाल सिंह के खिलाफ पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। धर्मपाल सिंह की मुकदमा दौरान जेल में ही 17 अक्टूबर 2018 को मौत हो चुकी है।
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अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई के बाद बुधवार को प्रथम त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पंचम ने अभियुक्त पिंटू उर्फ जितेंद्र सिंह को धारा 302 में आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। धारा 382 में 5 वर्ष की कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना, धारा 457 में 3 वर्ष की जेल व 3 हजार रुपये जुर्माना, धारा 411 में 2 वर्ष की कैद व 2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता वसीम उल्ला ने 6 गवाह पेश किए। अभियुक्त जेल में है। जमानत नहीं हुई थी।
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पैलानी थाना क्षेत्र के गांव सिंधनकलां गांव निवासी राजबहादुर सिंह पुत्र अमीर सिंह 17 अगस्त 2010 की रात घर में सो रहा था। पिता अमीर सिंह (60) पुत्र गजराज सिंह और मां श्याम कली देवी (56) पत्नी अमीर सिंह ऊपर वाले हिस्से में सो रहे थे। तभी आहट पाकर राजबहादुर ऊपरी हिस्से में गया तो देखा कि माता-पिता की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। राजबहादुर ने गांव के एक अभियुक्त पिंटू उर्फ जितेंद्र सिंह पुत्र रणधीर सिंह को पहचान लिया था।
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चारों अभियुक्त कूदकर भाग गये। घटना के दूसरे दिन राजबहादुर ने पिंटू व 3 अन्य अज्ञात के खिलाफ दोहरी हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के दौरान एक और अभियुक्त धर्मपाल सिंह पुत्र हरप्रसाद सिंह निवासी सिंधनकलां का नाम दर्ज किया। दो अन्य अभियुक्तों का पुलिस पता नहीं लगा पाई। पिंटू व धर्मपाल सिंह के खिलाफ पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। धर्मपाल सिंह की मुकदमा दौरान जेल में ही 17 अक्टूबर 2018 को मौत हो चुकी है।
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अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई के बाद बुधवार को प्रथम त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पंचम ने अभियुक्त पिंटू उर्फ जितेंद्र सिंह को धारा 302 में आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। धारा 382 में 5 वर्ष की कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना, धारा 457 में 3 वर्ष की जेल व 3 हजार रुपये जुर्माना, धारा 411 में 2 वर्ष की कैद व 2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता वसीम उल्ला ने 6 गवाह पेश किए। अभियुक्त जेल में है। जमानत नहीं हुई थी।