{"_id":"5b89852a42c792464b1c6019","slug":"life-imprisonment-for-killing-child-and-throwing-dead-body","type":"story","status":"publish","title_hn":"बालक की हत्या कर शव फेंकने में उम्रकैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बालक की हत्या कर शव फेंकने में उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Fri, 31 Aug 2018 11:42 PM IST
विज्ञापन
Court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
10 वर्षीय बालक की गला दबाकर हत्या और शव तालाब में फेंक देने के जुर्म में अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 20 हजार जुर्माना भी हुआ है। हाईकोर्ट से जमानत अर्जी खारिज हो जाने पर अभियुक्त जेल में है।
विज्ञापन
बिसंडा थाना क्षेत्र के ग्राम अमवां (बंधनिया का पुरवा) निवासी सुरेश कुमार वर्मा पुत्र फुलवा ने थाने में तहरीर दी कि 17 नवंबर 2015 को वह मजदूरी करने के लिए चला गया था। पत्नी भी उसकी घर में नहीं थी। घर में मात्र दो नाबालिग बेटे सूरज, संदीप व उनकी दादी थी। सूरज व संदीप बिस्किट खाने को लेकर आपस में झगड़ गए थे। जिससे संदीप डर से घर के बाहर चला गया था। गांव का ही राजेश कुमार वर्मा (24) पुत्र नंदकिशोर उसके पुत्र 10 वर्षीय संदीप को बहला फुसलाकर ले गया और गला दबाकर शाम 5 बजे हत्या करके शव को तालाब में फेंक दिया।
विज्ञापन
पुलिस ने एफआईआर नहीं लिखी। उच्चधिकारियों के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता मूलचंद्र कुशवाहा, चंद्रभूषण वर्मा व सहायक शासकीय अधिवक्ता रामसुफल सिंह ने सात गवाह पेश किए। शुक्रवार को प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश साकेत बिहारी दीपक ने अभियुक्त राजेश कुमार को धारा 302 में आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना, धारा 201 में सात वर्ष कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना और पास्को एक्ट की धारा 4 में 10 वर्ष का कठोर कारावास व 10 हजार जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को एक वर्ष की अतिरिक्त जेल होगी। फैसले में कहा गया है कि सभी सजाएं अलग-अलग चलेंगी।
विज्ञापन