सेना की वर्दी पहने चार संदिग्धों को जीआरपी ने पकड़ा
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बांदा। रेलवे स्टेशन में चेकिंग के दौरान जीआरपी ने सेना की वर्दी में किशोर समेत पांच संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। सेना की वर्दी में संदिग्धों के पकड़ने के बाद पुलिस समेत खुफिया विभाग के अधिकारियों ने जीआरपी थाने में पूछताछ की। हाई एलर्ट के मद्देनजर शनिवार को दोपहर प्रभारी जीआरपी थानाध्यक्ष अख्तर हुसैन जवानों के साथ स्टेशन की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सेना की वर्दी पहने एक युवती और युवक यात्री प्रतीक्षालय में बैठे नजर आए। जीआरपी जवानों ने युवक और युवती से पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ के दौरान अपने पहचान पत्र भी नहीं दिखा सके। हिरासत में लेने के बाद दोनों को जीआरपी थाने ले जाया गया। वर्दीधारी युवक-युवती के दोनों कंधों पर ‘अखंड हिंद फौज’ और तिरंगे झंडे की पट्टी लगी है। दोनों एसएसबी कैप लगाए थे। खबर मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी डा.राकेश कुमार मिश्र, कोतवाली प्रभारी केपी सिंह समेत खुुफिया विभाग के अधिकारी भी जीआरपी थाने पहुंच गए। सभी ने उनसे पूछताछ की। युवक ने बताया कि सेना की वर्दी उन्हें शहर के कालू कुआं चौराहा स्थित आर्यवर्त सेवा संस्थान संचालक राजेंद्र कुमार त्रिपाठी ने दी है।
कालू कुआं चौराहे पर संस्थान कार्यालय में छापा मारकर पुलिस ने संचालक समेत किशोर व युवक को हिरासत में लेकर जीआरपी थाने ले आई। संस्थान के कागजातों की देर तक जांच-पड़ताल की गई। उधर, कोतवाली प्रभारी केपी सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला फर्जीवाडे़ का प्रतीत होता है। पूछताछ में आतंकी संगठन की भूमिका स्पष्ट नहीं हुई है। संस्थान संचालक राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी बेरोजगारों को सेना में शामिल होने का शारीरिक प्रशिक्षण देता है। बताया कि संस्थान संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। दूसरी ओर प्रभारी जीआरपी थानाध्यक्ष अख्तर हुसैन ने बताया कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।