नकली शराब पकड़ी, सात गिरफ्तार
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बांदा। एटा में जहरीली शराब से 17 मौतों के बाद 11 अफसरों के निलंबन ने यहां की पुलिस और आबकारी विभाग की भी नींद खोल दी। रातों-रात दोनों विभागों ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर लाखों रुपये की अवैध शराब बरामद कर ली। आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया। शहर में चल रही शराब की अवैध फैक्ट्री को सील कर दिया। प्रदेश सरकार के सख्त तेवरों के चलते अभी पुलिस शराब के अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के ऊपर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है। अवैध शराब का धंधा जनपद में पुराना है। यदा-कदा पुलिस या आबकारी विभाग छापेमारी की रस्मअदायगी करके कुछ लोगों पर कार्रवाई कर देता है। जब कभी भी प्रदेश में कहीं शराब से मौतें होती हैं तो शासन की कार्रवाई से सहमे यहां के अफसर भी हाथ-पैर मारते हैं। शनिवार को एटा जनपद में जहरीली शराब से 17 मौतों और कई लोगों की हालत गंभीर होने के बाद प्रदेश सरकार ने वहां के 11 अफसरों को निलंबित कर दिया। इस पर बांदा का आबकारी विभाग और पुलिस भी अपने बचाव में रातों रात कार्रवाई में जुट गया।
शनिवार की रात पुलिस और आबकारी की संयुक्त टीम ने महोबा रोड पर केन पुल की ओर से आ रही मारुति कार को रोक लिया। लखनऊ के नंबर वाली इस कार में तीन लोग सवार थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक कार में पांच पेटी नकली शराब पाई गई। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि क्योटरा मोहल्ला में आनंदी प्रसाद शुक्ला के मकान में नकली शराब की फैक्ट्री है। इस पर पुलिस ने वहां छापा मारकर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही 13,950 खाली शीशी, 13,000 शीशी के ढक्कन, दो-दो सौ लीटर रेक्टीफाइड स्प्रिट से भरे चार ड्रम, पैकिंग मशीन, शराब की महक देने वाला एसेंस, अल्कोहलिक मीटर, 6509 होलोग्राम समेत अन्य
सामान भारी मात्रा में बरामद किया। पुलिस के मुताबिक यहां से नकली शराब बाहर भेजी जाती थी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में वीर सिंह पुत्र विजय पाल सिंह (पड़ोहरी, हमीरपुर), अरविंद सिंह पुत्र वीरेंद्र सिंह (सर्वोदय नगर, बांदा), राजकरन पुत्र रामसजीवन (लुकतरा, बांदा) संतोष पुत्र भरत सिंह (डोहरू, कानपुर नगर), रोहित सिंह उर्फ नंदू पुत्र जयकरन (बड़ागांव, बांदा) और ओमकार सिंह व रामलखन सिंह पुत्र बलवीर सिंह (झील का पुरवा, बांदा) शामिल हैं। सभी को जेल भेज दिया गया है। उधर, पुलिस सूत्रों के मुताबिक शराब के काले धंधे में शामिल कुछ ट्रांसपोर्टर की अभी और तलाश की जा रही है। पकड़े गए लोगों के पास से बरामद कंसाइनमेंट से भी इस धंधे में शामिल कुछ और लोगों का पर्दाफाश हो सकता है।