{"_id":"ecd6381851b6c4a0d3ed21db05b7beab","slug":"debt-ridden-young-farmer-hanged-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्ज में डूबे युवा किसान ने फांसी लगाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कर्ज में डूबे युवा किसान ने फांसी लगाई
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 29 Jan 2016 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। खेत न बो पाने और कर्ज से परेशान युवा किसान
विज्ञापन
ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उस पर पिता के जमाने का 70 हजार रुपये
कर्ज था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
बिसंडा थाना क्षेत्र के निलाथू गांव निवासी रामबाबू उर्फ बाबू सिंह (20) पुत्र श्याम सिंह खेंगर ने गुरुवार को शाम सूने घर में खपरैल में रस्सी से फांसी लगा ली। मां सावित्री और बड़े भाई राम सिंह ने उसे फांसी पर टंगा देखा।
पुलिस ने शव फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रामसिंह ने बताया कि पिता की सात साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। कई साल से फसल दैवीय आपदा से तबाह होने और रबी की बुवाई न हो पाने से रामबाबू काम करने सूरत (गुजरात) चला गया था। एक हफ्ते पहले वह सूरत से लौटा था।
मृतक के पिता श्याम सिंह ने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा, मिलाथू से किसान क्रेडिट कार्ड से 30 हजार रुपये कर्ज ले रखा था।
जिस दिन रामबाबू सूरत से आया था, उसी दिन घर पहुंचे बैंक कर्मियों ने ब्याज बढ़ने से कर्ज 70 हजार रुपये होने की जानकारी दी थी। मृतक के नाम ढाई बीघा जमीन है।
मां और भाई के मुताबिक फसल की बुवाई न हो पाने और कर्ज अदा करने की चिंता में उसने फांसी लगाकर जान दे दी।
बिसंडा थाना क्षेत्र के निलाथू गांव निवासी रामबाबू उर्फ बाबू सिंह (20) पुत्र श्याम सिंह खेंगर ने गुरुवार को शाम सूने घर में खपरैल में रस्सी से फांसी लगा ली। मां सावित्री और बड़े भाई राम सिंह ने उसे फांसी पर टंगा देखा।
पुलिस ने शव फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रामसिंह ने बताया कि पिता की सात साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। कई साल से फसल दैवीय आपदा से तबाह होने और रबी की बुवाई न हो पाने से रामबाबू काम करने सूरत (गुजरात) चला गया था। एक हफ्ते पहले वह सूरत से लौटा था।
मृतक के पिता श्याम सिंह ने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा, मिलाथू से किसान क्रेडिट कार्ड से 30 हजार रुपये कर्ज ले रखा था।
जिस दिन रामबाबू सूरत से आया था, उसी दिन घर पहुंचे बैंक कर्मियों ने ब्याज बढ़ने से कर्ज 70 हजार रुपये होने की जानकारी दी थी। मृतक के नाम ढाई बीघा जमीन है।
मां और भाई के मुताबिक फसल की बुवाई न हो पाने और कर्ज अदा करने की चिंता में उसने फांसी लगाकर जान दे दी।