{"_id":"584069964f1c1b0c1ede7d53","slug":"culpable-homicide-10-years-imprisonment","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैर इरादतन हत्या में 10 वर्ष की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गैर इरादतन हत्या में 10 वर्ष की कैद
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 01 Dec 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गैर इरादतन हत्या के आरोपी को 10 वर्ष की सश्रम कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है। जसपुरा थाना क्षेत्र के नांदादेव गांव के राजवीर सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह कृषि विश्वविद्यालय में गार्ड है। घर में उसकी पत्नी भूरी देवी उर्फ प्रभा अपने छोटे बच्चों और सास, ससुर के साथ रहती थी।
विज्ञापन
रिपोर्ट में कहा गया था कि गांव का ही मतोला उर्फ कुलदीप पुत्र रामकरन कलार उसकी पत्नी को फोन से परेशान करता था। 31 अगस्त 2012 की आधी रात वह घर आ गया। आहट पाकर मां ने आवाज लगाई तो कुलदीप उसकी पत्नी भूरी के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर भाग गया। भूरी जलती हालत में दौड़ी और घर के बाहर गिरकर बेहोश हो गई। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने पर अदालत ने अर्जी देकर 26 नवंबर 2012 को रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इस पर आपत्ति दाखिल की गई। प्रथम अपर सीजेएम ने अपत्ति स्वीकार कर ली। अभियुक्त मतोला उर्फ कुलदीप के विरुद्ध धारा 304 आईपीसी का आरोप पत्र भेजा गया। डीजीसी मनोज यादव ने छह गवाह पेश किए। बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश भूपेंद्र सहाय ने अभियुक्त मतोला को धारा 304 आईपीसी में 10 वर्ष की सश्रम कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर छह माह जेल में और बिताने होंगे।
विज्ञापन