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Meerut News: फार्मासिस्ट कर रहा दवाओं का काला कारोबार, गोदाम संचालक गिरफ्तार
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फार्मासिस्ट कर रहा दवाओं का काला कारोबार, गोदाम संचालक गिरफ्तार
ड्रग इंस्पेक्टर ने चार भाई समेत पांच आरोपियों पर दर्ज कराई प्राथमिकी
कबाड़े के गोदाम से बरामद सामान की कीमत प्राथमिकी में 20 लाख बताई
माई सिटी रिपोर्टर/संवाद
मेरठ/जानीखुर्द। कस्बा सिवालखास स्थित कबाड़े के गोदाम संचालक असलम व अन्य आरोपियों के साथ मिलकर उसका फार्मासिस्ट भाई सद्दाम एक्सपायरी दवाओं और सौंदर्य प्रसाधन का काला कारोबार कर रहा था। ड्रग इंस्पेक्टर संतोष पटेल ने इस मामले में जानी थाने में असलम, उसके तीन भाइयों सद्दाम, अकरम और अशरफ और गोदाम मालिक शहजवान के खिलाफ संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है। गोदाम संचालक असलम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
औषधि नियंत्रण विभाग के सहायक आयुक्त अतुल उपाध्याय को मंगलवार रात सूचना मिली थी कि कबाड़े के गोदाम की आड़ में एक्सपायरी दवाएं और सौंदर्य प्रसाधन (कॉस्मेटिक) का बड़े स्तर पर काला कारोबार किया जा रहा है। ड्रग निरीक्षक संतोष पटेल आदि की टीम गठित कर गोदाम पर छापे की कार्रवाई की गई। यहां से दवाओं और सौंदर्य प्रसाधन उत्पादों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। भारी मात्रा में माल होने के कारण टीम देर रात तक जांच-पड़ताल कर जुटी रही। टीम ने मौके पर ही वीडियोग्राफी भी कराई। बरामद सभी सामान की गहनता से गिनती की गई एक विस्तृत सूची भी तैयार की गई।
जांच अधिकारी जानी थाना प्रभारी गौरव बिश्नोई ने जानकारी दी कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि नामजद किया गया आरोपी सद्दाम फार्मासिस्ट है। वही मेडिकल स्टोरों से संपर्क कर एक्सपायरी दवाओं को खरीदने-बेचने का अवैध धंधा करता है।
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डेट बदलकर करते हैं जीवन से खिलवाड़
नामजद किए गए आरोपी एक्सपायरी दवाओं की डेट पर नया स्टीकर या प्रिंट लगाकर डेट बदलकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ करते हैं। इसके बाद इन दवाओं को बीमारों तक पहुंचाने के लिए मेडिकल स्टोर पर बेच दिया जाता है। मेडिकल स्टोर संचालक आरोपियों से सस्ते के लालच में दवा खरीद लेते हैं। आरोपी सौंदर्य प्रसाधनों की बिक्री दुकानों के अलावा साप्ताहिक बाजार के विक्रेताओं को भी करते हैं।
बिना लाइसेंस करते हैं दवाओं की बिक्री
ड्रग इंस्पेक्टर या पुलिस को आरोपियों के पास से दवा बिक्री का कोई लाइसेंस नहीं मिला है। आरोपी नियमों को दरकिनार कर बिना लाइसेंस दवा बिक्री कर रहे थे। टीम काले कारोबार का पूरे रैकेट के खुलासे के लिए अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
इन धाराओं में दर्ज की गई प्राथमिकी
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 276, 277, 318 (4), 336 (3), 338, 340 (2), 3, 5 और औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम की धारा 18ए, 28,18सी, 27(बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर अवैध कारोबार का खुलासा किया जाएगा।
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ड्रग इंस्पेक्टर ने चार भाई समेत पांच आरोपियों पर दर्ज कराई प्राथमिकी
कबाड़े के गोदाम से बरामद सामान की कीमत प्राथमिकी में 20 लाख बताई
माई सिटी रिपोर्टर/संवाद
मेरठ/जानीखुर्द। कस्बा सिवालखास स्थित कबाड़े के गोदाम संचालक असलम व अन्य आरोपियों के साथ मिलकर उसका फार्मासिस्ट भाई सद्दाम एक्सपायरी दवाओं और सौंदर्य प्रसाधन का काला कारोबार कर रहा था। ड्रग इंस्पेक्टर संतोष पटेल ने इस मामले में जानी थाने में असलम, उसके तीन भाइयों सद्दाम, अकरम और अशरफ और गोदाम मालिक शहजवान के खिलाफ संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है। गोदाम संचालक असलम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
औषधि नियंत्रण विभाग के सहायक आयुक्त अतुल उपाध्याय को मंगलवार रात सूचना मिली थी कि कबाड़े के गोदाम की आड़ में एक्सपायरी दवाएं और सौंदर्य प्रसाधन (कॉस्मेटिक) का बड़े स्तर पर काला कारोबार किया जा रहा है। ड्रग निरीक्षक संतोष पटेल आदि की टीम गठित कर गोदाम पर छापे की कार्रवाई की गई। यहां से दवाओं और सौंदर्य प्रसाधन उत्पादों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। भारी मात्रा में माल होने के कारण टीम देर रात तक जांच-पड़ताल कर जुटी रही। टीम ने मौके पर ही वीडियोग्राफी भी कराई। बरामद सभी सामान की गहनता से गिनती की गई एक विस्तृत सूची भी तैयार की गई।
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जांच अधिकारी जानी थाना प्रभारी गौरव बिश्नोई ने जानकारी दी कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि नामजद किया गया आरोपी सद्दाम फार्मासिस्ट है। वही मेडिकल स्टोरों से संपर्क कर एक्सपायरी दवाओं को खरीदने-बेचने का अवैध धंधा करता है।
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डेट बदलकर करते हैं जीवन से खिलवाड़
नामजद किए गए आरोपी एक्सपायरी दवाओं की डेट पर नया स्टीकर या प्रिंट लगाकर डेट बदलकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ करते हैं। इसके बाद इन दवाओं को बीमारों तक पहुंचाने के लिए मेडिकल स्टोर पर बेच दिया जाता है। मेडिकल स्टोर संचालक आरोपियों से सस्ते के लालच में दवा खरीद लेते हैं। आरोपी सौंदर्य प्रसाधनों की बिक्री दुकानों के अलावा साप्ताहिक बाजार के विक्रेताओं को भी करते हैं।
बिना लाइसेंस करते हैं दवाओं की बिक्री
ड्रग इंस्पेक्टर या पुलिस को आरोपियों के पास से दवा बिक्री का कोई लाइसेंस नहीं मिला है। आरोपी नियमों को दरकिनार कर बिना लाइसेंस दवा बिक्री कर रहे थे। टीम काले कारोबार का पूरे रैकेट के खुलासे के लिए अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
इन धाराओं में दर्ज की गई प्राथमिकी
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 276, 277, 318 (4), 336 (3), 338, 340 (2), 3, 5 और औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम की धारा 18ए, 28,18सी, 27(बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर अवैध कारोबार का खुलासा किया जाएगा।