{"_id":"5a0349954f1c1b6e548bbb19","slug":"croped-cattle-looted-farmer-hanged","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसल चर गए पशु, कर्ज में डूबे किसान ने लगाई फांसी ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फसल चर गए पशु, कर्ज में डूबे किसान ने लगाई फांसी
अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 08 Nov 2017 11:44 PM IST
विज्ञापन
जान देने वाला किसान दयाराम (फाइल फोटो)।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्ज के तनाव में घुट-घुटकर जी रहा किसान अपनी दो बीघा फसल से कुछ आस लगाए था, जिसे अन्ना जानवर चर गए। इन हालात से टूटे किसान ने फांसी लगा ली। किसान पर साहूकारों का लगभग 50 हजार रुपये का कर्ज था। साथ रह रहा पिता बैंक का कर्जदार है। राजस्व और पुलिस अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पतवन गांव में दयाराम (45) पुत्र भीम यादव ने मंगलवार रात घर के नजदीक खेत में बबूल के पेड़ पर रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। तड़के शौच को गए ग्रामीणों ने शव लटका देखा। सूचना पर नायब तहसीलदार, लेखपाल व क्षेत्राधिकारी भी पहुंच गए। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मृतक के भाई दयाशंकर ने बताया कि तीन भाइयों में वह सबसे बड़ा था। मां-बाप व पत्नी माया और तीन बच्चों के साथ रहता था। चार बीघा खेती है। इसमें पिता व तीनों भाइयों के नाम पर एक-एक बीघा जमीन है। दो दिन पहले अन्ना पशु खेत की फसल सफाचट कर गए थे। इससे दयाराम और परेशान हो उठा था।
विज्ञापन
भाई के मुताबिक करीब चार साल पहले बहन की शादी के लिए पिता ने इलाहाबाद ग्रामीण बैंक (पतवन शाखा) से 40 हजार रुपये का कर्ज लिया था, जो बढ़कर 80 हजार हो गया है। उसने भी खेतीबाड़ी के लिए साहूकारों से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। खेतों को सींचने के लिए पैसों की कमी थी। दो दिन पहले अन्ना जानवर चने की फसल चट कर गए। इसी से उसने जान दे दी। परिवार में पत्नी माया व तीन बच्चे हैं।
इस बाबत अपर जिलाधिकारी (वित्त) गंगाराम गुप्त ने बताया कि एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी को जांच के लिए भेजा गया है। उधर, क्षेत्रीय पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव ने मृतक के परिजनों से मिलकर संवेदना जताई।
विज्ञापन
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पतवन गांव में दयाराम (45) पुत्र भीम यादव ने मंगलवार रात घर के नजदीक खेत में बबूल के पेड़ पर रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। तड़के शौच को गए ग्रामीणों ने शव लटका देखा। सूचना पर नायब तहसीलदार, लेखपाल व क्षेत्राधिकारी भी पहुंच गए। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
विज्ञापन
मृतक के भाई दयाशंकर ने बताया कि तीन भाइयों में वह सबसे बड़ा था। मां-बाप व पत्नी माया और तीन बच्चों के साथ रहता था। चार बीघा खेती है। इसमें पिता व तीनों भाइयों के नाम पर एक-एक बीघा जमीन है। दो दिन पहले अन्ना पशु खेत की फसल सफाचट कर गए थे। इससे दयाराम और परेशान हो उठा था।
विज्ञापन
भाई के मुताबिक करीब चार साल पहले बहन की शादी के लिए पिता ने इलाहाबाद ग्रामीण बैंक (पतवन शाखा) से 40 हजार रुपये का कर्ज लिया था, जो बढ़कर 80 हजार हो गया है। उसने भी खेतीबाड़ी के लिए साहूकारों से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। खेतों को सींचने के लिए पैसों की कमी थी। दो दिन पहले अन्ना जानवर चने की फसल चट कर गए। इसी से उसने जान दे दी। परिवार में पत्नी माया व तीन बच्चे हैं।
इस बाबत अपर जिलाधिकारी (वित्त) गंगाराम गुप्त ने बताया कि एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी को जांच के लिए भेजा गया है। उधर, क्षेत्रीय पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव ने मृतक के परिजनों से मिलकर संवेदना जताई।