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बच्चे स्कूल नहीं गए, परिजनों ने खाना-पीना छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Sat, 22 Sep 2018 11:37 PM IST
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आवास पर चिंता में बैठे पिता तेजबल सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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‘मम्मी, पापा कब आएंगे? उनके इंतजार में आज हम स्कूल भी नहीं जा पाए’। अपहृत प्रदीप सिंह के दो मासूम बच्चों 10 वर्षीय पुत्र गोलू और 9 वर्षीय बेटी सौम्या ने आज कई बार यह सवाल अपनी मां रीता सिंह से पूछे।
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उधर, पति की फिक्र में पत्नी रीता और बेटे की चिंता में मां शांति देवी तथा पिता तेजबल सिंह ने पूरा दिन खाना-पीना नहीं लिया। नाती के अपहरण की खबर सुनकर नरैनी क्षेत्र के बुलाकी गांव से आए बाबा राजकुमार सिंह दिन भर पूजापाठ कर ईश्वर से प्रदीप की सकुशल वापसी की कामना करते रहे। उधर, घर में आने जाने वालों का सिलसिला जारी है।
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इनमें सपा नेता भूषण सिंह यादव, डिग्री कालेज पूर्व प्राचार्य आरपी सिंह, शिक्षक संतोष शुक्ला, छात्र संघ पूर्व अर्जुन मिश्रा, बसपा नेता अशोक पांडेय, नीरज द्विवेदी, नंदलाल सिंह आदि शामिल थे। पिता तेलबल सिंह ने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। अलबत्ता प्रदीप के बिजनेस है। कर्वी और बांदा में ब्रांडेड टाइल्स की दुकान है। भरतकूप में क्रेशर है।
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अपहृत प्रदीप सिंह उर्फ नीलू के यहां अत्री नगर स्थित मकान में पूरी रात और शनिवार को दिन भर रिश्तेदारों, शुभ चितंकों और मेलजोल वालों को तांता लगा हुआ है। पूरे नगर में अपहरण और डकैती की चर्चा गर्म है। हरेक को नीलू की खैरियत जानने की उत्सुकता बनी हुई है। देर रात तक उसकी खैर खबर नहीं मिल पाई थी। परिजनों ने बताया कि पुलिस ने इतना ही बताया है कि अपहरण के बाद इनोवा की लोकेशन महोबा जिले की तरफ मिली है। परिजन अब ईश्वर और पुलिस पर भरोसा किए मन्नत मांग रहे हैं।