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रिश्तेदारों ने ही कराया था एएनएम का अपहरण
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 10 Oct 2016 11:28 PM IST
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नरैनी। एएनएम रानी देवी का अपहरण कराने में उसी के रिश्तेदारों का हाथ बताया जा रहा है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की परतें खोलने के लिए जांच में जुटी है। संलिप्त रिश्तेदारों के नाम अभी उजागर नहीं किए जा रहे। उधर, पुलिस मऊरानीपुर से उठाकर लाए मदन पुत्र नंदूलाल पाल से पूछताछ कर रही है। वह झांसी जिले के शैगुआ गांव का रहने वाला है।
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कोतवाली के उप निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि सर्विलांस की मदद से मदन को दबोचा गया है। अपहृत रानी देवी मऊरानीपुर के जंगल में इसी की निगरानी में आठ दिन तक रही। रानी देवी ने भी मौके पर जाकर इस स्थान को पहचाना। पुलिस के मुताबिक एएनएम और आरोपी मदन का मोबाइल फोन तथा 315 बोर तमंचा व कारतूस बरामद हुए हैं।
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बताया कि मदन ने खुलासा किया है कि झांसी के कैरोखरखा गांव के रहने वाले रोहित द्विवेदी ने उसे एएनएम की रखवाली के एवज में 1000 रुपये दिए थे। यह भी बताया कि रोहित अपहरण के मामले में कई बार जेल भी जा चुका है। मदन ने पुलिस को बताया कि फिरौती लेनदेन के बारे में उसे जानकारी नहीं है।
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पुलिस का मदन पाल के हवाले से यह भी कहना है कि एएनएम के रिश्तेदारों ने ही अपहरण का ताना-बाना बुना था। उनकी भी तलाश की जा रही है। रिश्तेदारों के बारे में गिरफ्तारी न होेने तक अधिकारी जानकारी देने से इनकार कर दिया।