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दहेज हत्या में पति-ससुर को दस साल की जेल
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बांदा। दहेज हत्या के जुर्म में अदालत ने पति और ससुर को 10 साल की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर 2 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। दो अन्य धाराओं में भी सजा व जुर्माना किया गया है। दोनों अभियुक्तों की जमानत खारिज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के तरांव गांव निवासी शिवकरन प्रजापति पुत्र भुजबल ने 5 सितंबर 2009 को कोतवाली बबेरू में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दहेज में भैंस और बाइक की मांग पूरी न होने पर पति शिवमंगल, ससुर बादल और सास संपत ने पुत्री सुनीता को मारपीट कर शारीरिक व मानसिक प्रताडनाएं देने लगे। शादी के एक साल बाद बेटी को मारपीटकर घर से बाहर निकाल दिया।
3 सितंबर 2009 को ससुरालीजन पति, ससुर और सास ने मिलकर मारपीट कर बेटी को फांसी का फंदा लगाकर हत्या कर दी। पति फरार हो गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 498ए, 304बी, 3/4 दहेज एक्ट के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की और विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद शुक्रवार को पति शिवमंगल व ससुर बादल प्रजापति को धारा 304-बी में 10-10 साल की जेल और 10-10 हजार रुपये जुर्माना और 498-ए में 2-2 वर्ष की जेल व 2000 रुपये जुर्माना तथा 3/4 दहेज प्रतिषेध एक्ट में एक वर्ष की जेल व 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर क्रमश: 2 माह, एक माह की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी। दोष सिद्ध न पाए जाने पर सास को बरी कर दिया गया। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने 5 गवाह पेश किए।
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बबेरू कोतवाली क्षेत्र के तरांव गांव निवासी शिवकरन प्रजापति पुत्र भुजबल ने 5 सितंबर 2009 को कोतवाली बबेरू में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दहेज में भैंस और बाइक की मांग पूरी न होने पर पति शिवमंगल, ससुर बादल और सास संपत ने पुत्री सुनीता को मारपीट कर शारीरिक व मानसिक प्रताडनाएं देने लगे। शादी के एक साल बाद बेटी को मारपीटकर घर से बाहर निकाल दिया।
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3 सितंबर 2009 को ससुरालीजन पति, ससुर और सास ने मिलकर मारपीट कर बेटी को फांसी का फंदा लगाकर हत्या कर दी। पति फरार हो गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 498ए, 304बी, 3/4 दहेज एक्ट के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की और विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद शुक्रवार को पति शिवमंगल व ससुर बादल प्रजापति को धारा 304-बी में 10-10 साल की जेल और 10-10 हजार रुपये जुर्माना और 498-ए में 2-2 वर्ष की जेल व 2000 रुपये जुर्माना तथा 3/4 दहेज प्रतिषेध एक्ट में एक वर्ष की जेल व 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर क्रमश: 2 माह, एक माह की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी। दोष सिद्ध न पाए जाने पर सास को बरी कर दिया गया। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने 5 गवाह पेश किए।