फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   दहेज हत्या में पति-ससुर को दस साल की जेल

दहेज हत्या में पति-ससुर को दस साल की जेल

Fri, 11 Jan 2019 10:29 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jan 2019 10:29 PM IST
विज्ञापन
दहेज हत्या में पति-ससुर को दस साल की जेल
बांदा। दहेज हत्या के जुर्म में अदालत ने पति और ससुर को 10 साल की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर 2 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। दो अन्य धाराओं में भी सजा व जुर्माना किया गया है। दोनों अभियुक्तों की जमानत खारिज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन


बबेरू कोतवाली क्षेत्र के तरांव गांव निवासी शिवकरन प्रजापति पुत्र भुजबल ने 5 सितंबर 2009 को कोतवाली बबेरू में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दहेज में भैंस और बाइक की मांग पूरी न होने पर पति शिवमंगल, ससुर बादल और सास संपत ने पुत्री सुनीता को मारपीट कर शारीरिक व मानसिक प्रताडनाएं देने लगे। शादी के एक साल बाद बेटी को मारपीटकर घर से बाहर निकाल दिया।
विज्ञापन


3 सितंबर 2009 को ससुरालीजन पति, ससुर और सास ने मिलकर मारपीट कर बेटी को फांसी का फंदा लगाकर हत्या कर दी। पति फरार हो गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 498ए, 304बी, 3/4 दहेज एक्ट के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की और विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद शुक्रवार को पति शिवमंगल व ससुर बादल प्रजापति को धारा 304-बी में 10-10 साल की जेल और 10-10 हजार रुपये जुर्माना और 498-ए में 2-2 वर्ष की जेल व 2000 रुपये जुर्माना तथा 3/4 दहेज प्रतिषेध एक्ट में एक वर्ष की जेल व 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर क्रमश: 2 माह, एक माह की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी। दोष सिद्ध न पाए जाने पर सास को बरी कर दिया गया। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने 5 गवाह पेश किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed