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कर्ज से परेशान युवा किसान ने खुद को गोली से उड़ाया
Updated Wed, 04 Oct 2017 10:35 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अतर्रा (बांदा)।
कर्ज व आर्थिक तंगी से परेशान युवा किसान ने अपनी कनपटी में तमंचे से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। उस पर बैंक व साहूकारों का करीब 1.80 लाख रुपये कर्ज था। ढाई बीघा जमीन है। इस वर्ष भी बोई फसल कम बारिश और अन्ना जानवरों से चौपट हो गई। एसडीएम का कहना है कि एक लाख रुपये कर्ज माफी के लिए दूसरे चरण में उसे शामिल किया जाना था। पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।
बिसंडा थाना क्षेत्र के पुनाहुर गांव निवासी दीपू गौतम (23) पुत्र राजकिशोर ने बुधवार को शाम करीब छह बजे घर के सामने चबूतरे पर बैठकर खुद को 315 बोर तमंचे से गोली मार ली। कनपटी में गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। दीपू घर का इकलौता लड़का था। मां मुन्नी का बचपन में ही निधन हो गया था। पिता राजकिशोर भी तभी से लापता हैं। दीपू ही खेती और घर की जिम्मेदारी संभाले थे। दादी श्यामा ने उसका पालन पोषण किया था। दादी ने बताया कि वह कर्ज को लेकर बेहद परेशान रहता था। शाम को उसने पहले शराब पी। फिर बाहर निकल गया। कुछ देर बाद फायर की आवाज सुनकर दौड़ी तो वह खून से लथपथ पड़ा मिला।
दादी श्यामा ने बताया कि करीब तीन साल पूर्व इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की पुनाहुर गांव शाखा से करीब डेढ़ लाख रुपये कर्ज लिया था। साहूकारों का भी 60 हजार रुपये कर्ज बाकी है। उधर, चौकी इंचार्ज बिलगांव लाखन सिंह ने पंचनामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अतर्रा एसडीएम प्रहलाद सिंह ने स्वीकारा कि मृतक पर बैंक का कर्ज था। उन्होंने यह भी बताया कि 1.80 लाख के कर्ज में ऋणमाफी योजना के तहत एक लाख रुपये माफ करने के लिए अगले चरण की सूची में मृतक का नाम शामिल था।
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-बैंक व साहूकारों का 1.80 लाख रुपये था कर्ज
-ढाई बीघे जमीन की फसल चट कर गए अन्ना मवेशी
-मां-बाप का बचपन में उठा साया, दादी ने पाला
अतर्रा (बांदा)।
कर्ज व आर्थिक तंगी से परेशान युवा किसान ने अपनी कनपटी में तमंचे से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। उस पर बैंक व साहूकारों का करीब 1.80 लाख रुपये कर्ज था। ढाई बीघा जमीन है। इस वर्ष भी बोई फसल कम बारिश और अन्ना जानवरों से चौपट हो गई। एसडीएम का कहना है कि एक लाख रुपये कर्ज माफी के लिए दूसरे चरण में उसे शामिल किया जाना था। पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।
बिसंडा थाना क्षेत्र के पुनाहुर गांव निवासी दीपू गौतम (23) पुत्र राजकिशोर ने बुधवार को शाम करीब छह बजे घर के सामने चबूतरे पर बैठकर खुद को 315 बोर तमंचे से गोली मार ली। कनपटी में गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। दीपू घर का इकलौता लड़का था। मां मुन्नी का बचपन में ही निधन हो गया था। पिता राजकिशोर भी तभी से लापता हैं। दीपू ही खेती और घर की जिम्मेदारी संभाले थे। दादी श्यामा ने उसका पालन पोषण किया था। दादी ने बताया कि वह कर्ज को लेकर बेहद परेशान रहता था। शाम को उसने पहले शराब पी। फिर बाहर निकल गया। कुछ देर बाद फायर की आवाज सुनकर दौड़ी तो वह खून से लथपथ पड़ा मिला।
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दादी श्यामा ने बताया कि करीब तीन साल पूर्व इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की पुनाहुर गांव शाखा से करीब डेढ़ लाख रुपये कर्ज लिया था। साहूकारों का भी 60 हजार रुपये कर्ज बाकी है। उधर, चौकी इंचार्ज बिलगांव लाखन सिंह ने पंचनामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अतर्रा एसडीएम प्रहलाद सिंह ने स्वीकारा कि मृतक पर बैंक का कर्ज था। उन्होंने यह भी बताया कि 1.80 लाख के कर्ज में ऋणमाफी योजना के तहत एक लाख रुपये माफ करने के लिए अगले चरण की सूची में मृतक का नाम शामिल था।
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-बैंक व साहूकारों का 1.80 लाख रुपये था कर्ज
-ढाई बीघे जमीन की फसल चट कर गए अन्ना मवेशी
-मां-बाप का बचपन में उठा साया, दादी ने पाला