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20 दिन की अर्जी में कांस्टेबल को 10 दिन की छुट्टी
Updated Wed, 24 Oct 2018 12:11 AM IST
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बांदा। मच्छर मार दवा पी लेने के बाद युवा कांस्टेबिल की छुट्टी अर्जी पुलिस अधिकारियों ने आनन-फानन मंजूर कर दी। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसी रात उसे अस्पताल से भी छुट्टी दे दी गई। उधर, कांस्टेबिल का कहना है कि जहरीला पदार्थ उसने पत्नी से हुए विवाद के बाद पीया था। 20 दिन की अर्जी में सिर्फ 10 दिन की छुट्टी मिली।
झांसी जिले के मऊरानीपुर निवासी अरुण लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। ट्रेनिंग आदि के बाद करीब सात माह पूर्व उसकी तैनाती शहर कोतवाली अंतर्गत मर्दन नाका पुलिस चौकी में हो गई। तब से वह यहीं तैनात है। रविवार की रात अरुण ने मच्छर भगाने वाली जहरीली दवा पी ली। तबियत बिगड़ने पर पुलिस चौकी के अन्य कांस्टेबलों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां उसका इलाज हुआ। रात में ही उसे छुट्टी दे दी गई। मंगलवार को फोन पर अरुण ने बताया कि रविवार को शाम मोबाइल पर उसका अपनी पत्नी से विवाद हो गया था। पत्नी मायके में है।
अरुण के मुताबिक, उसकी पत्नी ससुराल में नहीं रहकर उसके साथ बांदा में रहना चाहती है। इसी को लेकर दोनों में नोंकझोंक हुई। गुस्से में आकर अरुण ने मच्छर भगाने की दवा पी ली। अरुण ने बताया कि मां को इलाज के लिए हरिद्वार ले जाने के लिए दो दिन पूर्व उसने 20 दिन की छुट्टी की अर्जी दी थी। उसे 10 दिन की ही छुट्टी मंजूर की गई।
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उधर, मर्दन नाका चौकी प्रभारी एके सिंह ने बताया कि छुट्टी को लेकर कांस्टेबल से कोई विवाद नहीं हुआ। वह लगभग हर माह छुट्टी लेता है। पिछले माह भी पांच दिन की छुट्टी ली थी। इस वर्ष लगभग 45 अवकाश ले चुका है। चौकी प्रभारी ने भी बताया कि पत्नी से हुई नोंकझोंक से क्षुब्ध होकर अरुण ने कोई जहरीली चीज पी ली थी।
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-मच्छर मार दवा पीने के बाद आननफानन मिली मंजूरी
-जहर पीने की वजह कांस्टेबिल ने बताई पत्नी से विवाद
-बांदा शहर में मर्दन नाका चौकी कांस्टेबिल का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी जिले के मऊरानीपुर निवासी अरुण लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। ट्रेनिंग आदि के बाद करीब सात माह पूर्व उसकी तैनाती शहर कोतवाली अंतर्गत मर्दन नाका पुलिस चौकी में हो गई। तब से वह यहीं तैनात है। रविवार की रात अरुण ने मच्छर भगाने वाली जहरीली दवा पी ली। तबियत बिगड़ने पर पुलिस चौकी के अन्य कांस्टेबलों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां उसका इलाज हुआ। रात में ही उसे छुट्टी दे दी गई। मंगलवार को फोन पर अरुण ने बताया कि रविवार को शाम मोबाइल पर उसका अपनी पत्नी से विवाद हो गया था। पत्नी मायके में है।
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अरुण के मुताबिक, उसकी पत्नी ससुराल में नहीं रहकर उसके साथ बांदा में रहना चाहती है। इसी को लेकर दोनों में नोंकझोंक हुई। गुस्से में आकर अरुण ने मच्छर भगाने की दवा पी ली। अरुण ने बताया कि मां को इलाज के लिए हरिद्वार ले जाने के लिए दो दिन पूर्व उसने 20 दिन की छुट्टी की अर्जी दी थी। उसे 10 दिन की ही छुट्टी मंजूर की गई।
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उधर, मर्दन नाका चौकी प्रभारी एके सिंह ने बताया कि छुट्टी को लेकर कांस्टेबल से कोई विवाद नहीं हुआ। वह लगभग हर माह छुट्टी लेता है। पिछले माह भी पांच दिन की छुट्टी ली थी। इस वर्ष लगभग 45 अवकाश ले चुका है। चौकी प्रभारी ने भी बताया कि पत्नी से हुई नोंकझोंक से क्षुब्ध होकर अरुण ने कोई जहरीली चीज पी ली थी।
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-मच्छर मार दवा पीने के बाद आननफानन मिली मंजूरी
-जहर पीने की वजह कांस्टेबिल ने बताई पत्नी से विवाद
-बांदा शहर में मर्दन नाका चौकी कांस्टेबिल का मामला
अमर उजाला ब्यूरो