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धान खरीद में फिर धांधली, बिना केंद्र खोले हो गई खरीद
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बांदा। धान खरीद में धांधली पर अंकुश नहीं लग रहा है। पिछले वर्ष अतर्रा में 11 प्रभारियों के विरुद्ध एफआईआर का प्रकरण अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था कि एक और मामला सामने आ गया। ताजा मामला खुरहंड खरीद केंद्र का है। यहां अभी क्रय केंद्र खोले भी नहीं गए और कागजों में लगभग 10 हजार क्विंटल धान की खरीद हो गई। डीएम के आदेश पर उप क्षेत्रीय विपणन अधिकारी (आरएमओ) ने जांच की तो इसका खुलासा हुआ। जांच अधिकारी ने समिति से अभिलेख तलब किए हैं।
जिले में धान की खरीद 15 नवंबर से शुरू हुई थी। इस वर्ष 71,500 मीट्रिक टन (एमटी) धान खरीद का लक्ष्य है। विभिन्न एजेंसियों के 24 क्रय केंद्र खोले गए हैं। खुरहंड गांव की शिव विपणन सहकारी समिति ने मकरी और बनसखा गांवों में खरीद केंद्र बनाए हैं। इन दोनों केंद्रों में क्रमश: 4701.80 व 4794.40 क्विंटल की खरीद बताई गई है। दूसरी तरफ इस क्षेत्र के किसानों ने हाल ही में डीएम हीरालाल से शिकायत की थी कि न केंद्र खुले हैं, न खरीद हो रही है।
इस पर डीएम ने डिप्टी आरएमओ को दोनों केंद्रों में अब तक हुई खरीद के जांच के आदेश दिए थे। डिप्टी आरएमओ गोविंद उपाध्याय ने बताया कि जांच में पाया गया कि मकरी और बनसखा गांवों के केंद्रों में धान की खरीद नहीं हुई। उन्होंने बताया कि केंद्र प्रभारी (खुरहंड) अचलेश्चंद्र द्विवेदी से अभिलेख तीन दिन में स्टॉक रजिस्टर, क्रय पंजिका, निरीक्षण पंजिका, कृषकों के आनलाइन पंजीयन, कृषकों के आधार, बैंक पासबुक, आरटीजीएस प्रमाण (बैंक स्टेटमेंट) आदि अभिलेख तलब किए हैं।
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जांच पर भरोसा नहीं, दूसरी एजेंसी करे जांच
मकरी और बनसखा केंद्रों में धान खरीद की चल रही जांच पर क्षेत्रीय किसानों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर किसी अन्य एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ढिलाई बरत रहे हैं। दोनों क्रय केंद्रों में 182 किसानों का लगभग 10 हजार क्विंटल धान खरीदना बताया जा रहा है। किसानों ने बताया कि इस फर्जीवाड़े में माफिया भी शामिल हैं।
उधर, जांच अधिकारी डिप्टी आरएमओ गोविंद उपाध्याय ने बताया कि समिति के लोगों ने डीएम से शिकायत की है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। फर्जी खरीद की शिकायत मकरी गांव के चंद्रप्रकाश, शिवविलास करवरिया, सुरेंद्र सिंह, रज्जन सिंह, देवराज यादव आदि ने की थी। इस बाबत एसडीएम सौरभ शुक्ला का कहना था कि नोटिस जारी की गई है। जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
पिछले वर्ष अतर्रा में हुई थी धांधली
बांदा। धान की खरीद में धांधली कोई नई बात नहीं है। पिछले वर्ष अतर्रा के कई क्रय केंद्रों में ऐसी ही गड़बड़ी उजागर हुई थी। किसानों के फर्जी नामों पर व्यापारियों से 50 हजार क्विंटल धान खरीद लिया गया था।
जांच में पकड़े जाने के बाद संबंधित अधिकारियों व केंद्र प्रभारियों समेत 11 लोगों के विरुद्ध अतर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अभी इसकी विवेचना हो रही है।
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जिले में धान की खरीद 15 नवंबर से शुरू हुई थी। इस वर्ष 71,500 मीट्रिक टन (एमटी) धान खरीद का लक्ष्य है। विभिन्न एजेंसियों के 24 क्रय केंद्र खोले गए हैं। खुरहंड गांव की शिव विपणन सहकारी समिति ने मकरी और बनसखा गांवों में खरीद केंद्र बनाए हैं। इन दोनों केंद्रों में क्रमश: 4701.80 व 4794.40 क्विंटल की खरीद बताई गई है। दूसरी तरफ इस क्षेत्र के किसानों ने हाल ही में डीएम हीरालाल से शिकायत की थी कि न केंद्र खुले हैं, न खरीद हो रही है।
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इस पर डीएम ने डिप्टी आरएमओ को दोनों केंद्रों में अब तक हुई खरीद के जांच के आदेश दिए थे। डिप्टी आरएमओ गोविंद उपाध्याय ने बताया कि जांच में पाया गया कि मकरी और बनसखा गांवों के केंद्रों में धान की खरीद नहीं हुई। उन्होंने बताया कि केंद्र प्रभारी (खुरहंड) अचलेश्चंद्र द्विवेदी से अभिलेख तीन दिन में स्टॉक रजिस्टर, क्रय पंजिका, निरीक्षण पंजिका, कृषकों के आनलाइन पंजीयन, कृषकों के आधार, बैंक पासबुक, आरटीजीएस प्रमाण (बैंक स्टेटमेंट) आदि अभिलेख तलब किए हैं।
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जांच पर भरोसा नहीं, दूसरी एजेंसी करे जांच
मकरी और बनसखा केंद्रों में धान खरीद की चल रही जांच पर क्षेत्रीय किसानों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर किसी अन्य एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ढिलाई बरत रहे हैं। दोनों क्रय केंद्रों में 182 किसानों का लगभग 10 हजार क्विंटल धान खरीदना बताया जा रहा है। किसानों ने बताया कि इस फर्जीवाड़े में माफिया भी शामिल हैं।
उधर, जांच अधिकारी डिप्टी आरएमओ गोविंद उपाध्याय ने बताया कि समिति के लोगों ने डीएम से शिकायत की है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। फर्जी खरीद की शिकायत मकरी गांव के चंद्रप्रकाश, शिवविलास करवरिया, सुरेंद्र सिंह, रज्जन सिंह, देवराज यादव आदि ने की थी। इस बाबत एसडीएम सौरभ शुक्ला का कहना था कि नोटिस जारी की गई है। जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
पिछले वर्ष अतर्रा में हुई थी धांधली
बांदा। धान की खरीद में धांधली कोई नई बात नहीं है। पिछले वर्ष अतर्रा के कई क्रय केंद्रों में ऐसी ही गड़बड़ी उजागर हुई थी। किसानों के फर्जी नामों पर व्यापारियों से 50 हजार क्विंटल धान खरीद लिया गया था।
जांच में पकड़े जाने के बाद संबंधित अधिकारियों व केंद्र प्रभारियों समेत 11 लोगों के विरुद्ध अतर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अभी इसकी विवेचना हो रही है।