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अन्ना पशुओं ने फसल चरी, किसान फंदे पर झूला
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बांदा/अतर्रा। खेत से लौटे लघु सीमांत किसान ने घर के कमरे में अपने अंगौछे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दरवाजा तोड़कर शव निकाला गया। मात्र 5 बीघे के मजदूर किसान की आत्महत्या के पीछे अन्ना पशुओं द्वारा फसल चर जाने का सदमा बताया गया है। बेटी की शादी के लिए लिया गया कर्ज भी था। एसडीएम ने मृतक के घर जाकर परिजनों से जानकारियां हासिल कीं।
अतर्रा थाना क्षेत्र के नगनेधी गांव में शनिवार को शाम बादल श्रीवास (47) घर से टार्च लेकर खेत गया था। रात करीब 9 बजे लौटा और चुपचाप घर में कमरा बंद करके फांसी लगा ली। पत्नी और चार बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे। कुछ देर बाद पत्नी ने जाकर देखा तो दरवाजा नहीं खुला। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़कर फंदे पर लटक रहे शव को बाहर निकाला। इंसपेक्टर दिनेश सिंह ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रविवार को उसका मुख्यालय में पोस्टमार्टम किया गया।
पोस्टमार्टम हाउस में मृतक के बड़े भाई नत्थू श्रीवास ने बताया कि बादल के पास गांव में खुद की मात्र एक बीघा जमीन थी। इसके अलावा पड़ोसी गांव नंदना में 4 बीघा बटाई पर लेकर खेती करता था। बड़े भाई ने बताया कि खेतों में गेहूं और सरसों की बुवाई की थी। नंदना गांव के पूरे खेत की फसल अन्ना जानवर सफाचट कर गए। इससे बादल काफी तनाव और चिंता में आ गया। यह बात उसने अपनी पत्नी से भी बताई।
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शाम को खेत से लौटते ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। भाई ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष पुत्री शोभा की शादी के लिए प्राइवेट तौर पर करीब ढाई लाख रुपये कर्ज ले रखा था। उसकी अदायगी को लेकर भी चिंतित था। मृतक की अभी एक पुत्री और शादी को बाकी है। उधर, उप जिलाधिकारी सौरभ शुक्ला भी मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली। सांत्वना भी जताई। लेखपाल व कानूनगो को जांच के निर्देश दिए। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी। मृतक अपने पीछे 4 नाबालिग बच्चे छोड़ गया है।
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अतर्रा थाना क्षेत्र के नगनेधी गांव में शनिवार को शाम बादल श्रीवास (47) घर से टार्च लेकर खेत गया था। रात करीब 9 बजे लौटा और चुपचाप घर में कमरा बंद करके फांसी लगा ली। पत्नी और चार बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे। कुछ देर बाद पत्नी ने जाकर देखा तो दरवाजा नहीं खुला। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़कर फंदे पर लटक रहे शव को बाहर निकाला। इंसपेक्टर दिनेश सिंह ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रविवार को उसका मुख्यालय में पोस्टमार्टम किया गया।
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पोस्टमार्टम हाउस में मृतक के बड़े भाई नत्थू श्रीवास ने बताया कि बादल के पास गांव में खुद की मात्र एक बीघा जमीन थी। इसके अलावा पड़ोसी गांव नंदना में 4 बीघा बटाई पर लेकर खेती करता था। बड़े भाई ने बताया कि खेतों में गेहूं और सरसों की बुवाई की थी। नंदना गांव के पूरे खेत की फसल अन्ना जानवर सफाचट कर गए। इससे बादल काफी तनाव और चिंता में आ गया। यह बात उसने अपनी पत्नी से भी बताई।
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शाम को खेत से लौटते ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। भाई ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष पुत्री शोभा की शादी के लिए प्राइवेट तौर पर करीब ढाई लाख रुपये कर्ज ले रखा था। उसकी अदायगी को लेकर भी चिंतित था। मृतक की अभी एक पुत्री और शादी को बाकी है। उधर, उप जिलाधिकारी सौरभ शुक्ला भी मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली। सांत्वना भी जताई। लेखपाल व कानूनगो को जांच के निर्देश दिए। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी। मृतक अपने पीछे 4 नाबालिग बच्चे छोड़ गया है।