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दहेज हत्या में पति, सास और ससुर को सजा
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बांदा। दहेज हत्या के जुर्म में अदालत ने पति को 10 साल और ससुर, सास व ननद को 7-7 साल की जेल और जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी राशि मृतका की मां को दी जाएगी। आरोपी पति वर्ष 2013 से जेल में है।
अतर्रा थाना क्षेत्र के गांव सेमरिया मिरदहा निवासी चुन्नू लाल वर्मा पुत्र सुखदा ने पहली दिसंबर 2013 को बिसंडा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बेटी निर्मला का विवाह 2 जून 2013 में बिसंडा थाना क्षेत्र के विधाता पुरवा (तेंदुरा) निवासी वीरेंद्र वर्मा पुत्र रामनिहोर के साथ की थी। लेकिन ससुराल में पति वीरेंद्र, ससुर रामनिहोर, सास मीरा और ननद गीता दहेज में बाइक व 50 हजार रुपये की मांग करके उसे प्रताड़ित करते रहे।
शादी के मात्र 6 माह बाद ही 2 दिसंबर 2013 को निर्मला को लाठी-डंडों से पीटकर मिट्टी का तेल डालकर जलाकर मार डाला। बिसंडा थाना में पुलिस ने पति, ससुर, सास व ननद के खिलाफ धारा 498ए, 304बी व दहेज एक्ट की धारा 3/4 के तहत रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की।
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प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश साकेत बिहारी दीपक ने सुनवाई के बाद शुक्रवार को सुनाए फैसले में पति वीरेंद्र वर्मा को धारा 304बी में 10 साल की कठोर कारावास की सजा दी। ससुर, सास व ननद को 7-7 साल की कैद और दहेज एक्ट में 2-2 साल की कैद व 7-7 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने पर 2-2 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। सभी सजाए एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता रामसुफल सिंह व सीनियर अधिवक्ता बृजमोहन सिंह ने 8 गवाह पेश किए।
उधारी मांगने पर लाठी से प्राणघातक हमला कर घायल कर देने के जुर्म में अदालत ने आरोपी को 4 साल की कैद और 4000 रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना अदा न करने पर 2 माह की और जेल होगी।
बिसंडा थाना क्षेत्र के अलिहा गांव में परचून की दुकान किए राकेश कुमार पुत्र वीरेंद्र द्वारा उधारी मांगने पर गांव के ही बबली उर्फ मनोज सिंह ने 21 मई 2010 को सुबह उस पर प्राणघातक हमला कर दिया था। राकेश को बेहोशी हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। अब तक चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को प्रथम त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पंचम ने आरोपी बबली उर्फ मनोज को धारा 308 में जेल और जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता वसीम उल्ला ने 6 गवाह पेश किए।
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अतर्रा थाना क्षेत्र के गांव सेमरिया मिरदहा निवासी चुन्नू लाल वर्मा पुत्र सुखदा ने पहली दिसंबर 2013 को बिसंडा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बेटी निर्मला का विवाह 2 जून 2013 में बिसंडा थाना क्षेत्र के विधाता पुरवा (तेंदुरा) निवासी वीरेंद्र वर्मा पुत्र रामनिहोर के साथ की थी। लेकिन ससुराल में पति वीरेंद्र, ससुर रामनिहोर, सास मीरा और ननद गीता दहेज में बाइक व 50 हजार रुपये की मांग करके उसे प्रताड़ित करते रहे।
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शादी के मात्र 6 माह बाद ही 2 दिसंबर 2013 को निर्मला को लाठी-डंडों से पीटकर मिट्टी का तेल डालकर जलाकर मार डाला। बिसंडा थाना में पुलिस ने पति, ससुर, सास व ननद के खिलाफ धारा 498ए, 304बी व दहेज एक्ट की धारा 3/4 के तहत रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की।
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प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश साकेत बिहारी दीपक ने सुनवाई के बाद शुक्रवार को सुनाए फैसले में पति वीरेंद्र वर्मा को धारा 304बी में 10 साल की कठोर कारावास की सजा दी। ससुर, सास व ननद को 7-7 साल की कैद और दहेज एक्ट में 2-2 साल की कैद व 7-7 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने पर 2-2 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। सभी सजाए एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता रामसुफल सिंह व सीनियर अधिवक्ता बृजमोहन सिंह ने 8 गवाह पेश किए।
उधारी मांगने पर लाठी से प्राणघातक हमला कर घायल कर देने के जुर्म में अदालत ने आरोपी को 4 साल की कैद और 4000 रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना अदा न करने पर 2 माह की और जेल होगी।
बिसंडा थाना क्षेत्र के अलिहा गांव में परचून की दुकान किए राकेश कुमार पुत्र वीरेंद्र द्वारा उधारी मांगने पर गांव के ही बबली उर्फ मनोज सिंह ने 21 मई 2010 को सुबह उस पर प्राणघातक हमला कर दिया था। राकेश को बेहोशी हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। अब तक चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को प्रथम त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पंचम ने आरोपी बबली उर्फ मनोज को धारा 308 में जेल और जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता वसीम उल्ला ने 6 गवाह पेश किए।