फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   दहेज हत्या में पति, सास और ससुर को सजा

दहेज हत्या में पति, सास और ससुर को सजा

Fri, 15 Feb 2019 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Feb 2019 11:51 PM IST
विज्ञापन
दहेज हत्या में पति, सास और ससुर को सजा
बांदा। दहेज हत्या के जुर्म में अदालत ने पति को 10 साल और ससुर, सास व ननद को 7-7 साल की जेल और जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी राशि मृतका की मां को दी जाएगी। आरोपी पति वर्ष 2013 से जेल में है।
विज्ञापन


अतर्रा थाना क्षेत्र के गांव सेमरिया मिरदहा निवासी चुन्नू लाल वर्मा पुत्र सुखदा ने पहली दिसंबर 2013 को बिसंडा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बेटी निर्मला का विवाह 2 जून 2013 में बिसंडा थाना क्षेत्र के विधाता पुरवा (तेंदुरा) निवासी वीरेंद्र वर्मा पुत्र रामनिहोर के साथ की थी। लेकिन ससुराल में पति वीरेंद्र, ससुर रामनिहोर, सास मीरा और ननद गीता दहेज में बाइक व 50 हजार रुपये की मांग करके उसे प्रताड़ित करते रहे।
विज्ञापन


शादी के मात्र 6 माह बाद ही 2 दिसंबर 2013 को निर्मला को लाठी-डंडों से पीटकर मिट्टी का तेल डालकर जलाकर मार डाला। बिसंडा थाना में पुलिस ने पति, ससुर, सास व ननद के खिलाफ धारा 498ए, 304बी व दहेज एक्ट की धारा 3/4 के तहत रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश साकेत बिहारी दीपक ने सुनवाई के बाद शुक्रवार को सुनाए फैसले में पति वीरेंद्र वर्मा को धारा 304बी में 10 साल की कठोर कारावास की सजा दी। ससुर, सास व ननद को 7-7 साल की कैद और दहेज एक्ट में 2-2 साल की कैद व 7-7 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।

जुर्माना अदा न करने पर 2-2 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। सभी सजाए एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता रामसुफल सिंह व सीनियर अधिवक्ता बृजमोहन सिंह ने 8 गवाह पेश किए।

उधारी मांगने पर लाठी से प्राणघातक हमला कर घायल कर देने के जुर्म में अदालत ने आरोपी को 4 साल की कैद और 4000 रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना अदा न करने पर 2 माह की और जेल होगी।

बिसंडा थाना क्षेत्र के अलिहा गांव में परचून की दुकान किए राकेश कुमार पुत्र वीरेंद्र द्वारा उधारी मांगने पर गांव के ही बबली उर्फ मनोज सिंह ने 21 मई 2010 को सुबह उस पर प्राणघातक हमला कर दिया था। राकेश को बेहोशी हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।


पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। अब तक चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को प्रथम त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पंचम ने आरोपी बबली उर्फ मनोज को धारा 308 में जेल और जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता वसीम उल्ला ने 6 गवाह पेश किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed