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खेत में फंदे से लटका मिला टेंपो चालक का शव
Updated Mon, 03 Sep 2018 11:08 PM IST
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बांदा। शादी के सिर्फ तीन माह बाद टेंपो चालक ने खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। खुदकुशी के पीछे पसंद की शादी न होने की चर्चा है। दूसरी तरफ परिजनों ने खानदानियों पर ही हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पोस्टमार्टम को लाए जा रहे शव को रास्ते में रोकने की कोशिश की। पुलिस से नोकझोंक हुई। थाना पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या मान रही है।
घटना तिंदवारी थाना क्षेत्र के भुजरख गांव की है। देवनाथ (20) पुत्र वेद प्रकाश का शव सोमवार को तड़के खेत में जामुन के पेड़ पर गमछे में टंगा मिला। बाबा भुलुवा ने परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दोपहर को दो पुलिस कर्मी टेंपो में शव लेकर मुख्यालय आ रहे थे।
गांव के बाहर निकलते ही मृतक के मामा फूलचंद्र (भदवारी) आदि ने टेंपो रोक लिया और हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि देवनाथ की खानदानियों ने हत्या की है। महिलाएं भी पुलिस से भिड़ गईं। धक्का-मुक्की में एक कांस्टेबिल की वर्दी के बटन टूट गए। बमुश्किल समझा-बुझाकर उन्हें शांत किया गया।
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पोस्टमार्टम हाउस में मृतक के बाबा भुलुवा ने बताया कि देवनाथ इकलौती संतान था। शादी तीन माह पूर्व 6 मई को भदांव (कमासिन) गांव में हुई थी। रोजमर्रा की तरह रविवार की रात भी खेत के मकान सोने गया था। मृतक खुद का टेंपो चलाने के साथ अपनी 3 बीघा जमीन में खेती भी करता था।
पिता की मौत कई साल पूर्व हो चुकी है। उधर, तिंदवारी थाना इंसपेक्टर अंगद प्रताप सिंह ने बताया कि फिलहाल हत्या के आरोप की कोई तहरीर नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि रास्ते में परिजनों द्वारा शव देखने के लिए रोका गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
कमाऊ और इकलौते पुत्र की मौत के बाद मां लीलावती बुरी तरह शोकग्रस्त है। रोती हुई मां ने कहा- %मोर कमाऊ सपूत चलो गा। मोर बहुत ख्याल राखत ते। रोजाना पांव छुअत ते। बिना मुहिका खवाए खुद नहीं खात रहै। अब मैं अनाथ हुई गयों, का करिहौं।’ उधर, ग्राम प्रधान रामभवन शर्मा ने बताया कि देवनाथ पिता की मौत के बाद मां की भी पूरी देखभाल कर रहा था। पता नहीं क्यों आत्महत्या कर ली? ब्यूरो
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घटना तिंदवारी थाना क्षेत्र के भुजरख गांव की है। देवनाथ (20) पुत्र वेद प्रकाश का शव सोमवार को तड़के खेत में जामुन के पेड़ पर गमछे में टंगा मिला। बाबा भुलुवा ने परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दोपहर को दो पुलिस कर्मी टेंपो में शव लेकर मुख्यालय आ रहे थे।
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गांव के बाहर निकलते ही मृतक के मामा फूलचंद्र (भदवारी) आदि ने टेंपो रोक लिया और हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि देवनाथ की खानदानियों ने हत्या की है। महिलाएं भी पुलिस से भिड़ गईं। धक्का-मुक्की में एक कांस्टेबिल की वर्दी के बटन टूट गए। बमुश्किल समझा-बुझाकर उन्हें शांत किया गया।
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पोस्टमार्टम हाउस में मृतक के बाबा भुलुवा ने बताया कि देवनाथ इकलौती संतान था। शादी तीन माह पूर्व 6 मई को भदांव (कमासिन) गांव में हुई थी। रोजमर्रा की तरह रविवार की रात भी खेत के मकान सोने गया था। मृतक खुद का टेंपो चलाने के साथ अपनी 3 बीघा जमीन में खेती भी करता था।
पिता की मौत कई साल पूर्व हो चुकी है। उधर, तिंदवारी थाना इंसपेक्टर अंगद प्रताप सिंह ने बताया कि फिलहाल हत्या के आरोप की कोई तहरीर नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि रास्ते में परिजनों द्वारा शव देखने के लिए रोका गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
कमाऊ और इकलौते पुत्र की मौत के बाद मां लीलावती बुरी तरह शोकग्रस्त है। रोती हुई मां ने कहा- %मोर कमाऊ सपूत चलो गा। मोर बहुत ख्याल राखत ते। रोजाना पांव छुअत ते। बिना मुहिका खवाए खुद नहीं खात रहै। अब मैं अनाथ हुई गयों, का करिहौं।’ उधर, ग्राम प्रधान रामभवन शर्मा ने बताया कि देवनाथ पिता की मौत के बाद मां की भी पूरी देखभाल कर रहा था। पता नहीं क्यों आत्महत्या कर ली? ब्यूरो