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पांच लोगों से होगी 6.31 लाख की वसूली
Updated Tue, 17 Jul 2018 11:53 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। बबेरू ब्लाक की ग्राम पंचायत मरका में प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक ने मनरेगा कार्यों में 6.31 लाख रुपये के दुरुपयोग के दोषी पाए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने इन सभी से एक हफ्ते के अंदर यह राशि वसूल करने के आदेश मनरेगा उपायुक्त को दिए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी हीरालाल द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि सरजू डेरा (मरका) गांव निवासी विद्या भूषण निषाद की शिकायत पर की गई जांच में यह बात सामने आई है कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रधान और सचिव समेत तकनीकी सहायकों ने सड़क व पुलिया निर्माण के नाम पर 6,31,331 रुपये का दुरुपयोग किया है। मौके पर कार्य हुआ ही नहीं है और खाते से सामग्री व मजदूरी के नाम पर धनराशि निकाल ली गई। प्रधान व सचिव ने कारण बताओ नोटिस का सही जवाब भी नहीं दिया है। सीडीओ ने डीएम डीपी गिरि द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की आख्या मांगे जाने का हवाला देते हुए मनरेगा उपायुक्त से कहा है कि ग्राम विकास अधिकारी भवानी सिंह से 1,90,845 रुपये, तकनीकी सहायक शारदा प्रसाद द्विवेदी से 2,07,705 रुपये, ग्राम प्रधान विनोद कुमार से 2,10,444 रुपये, ग्राम पंचायत अधिकारी अर्जुन सिंह से 19,598 रुपये और तकनीकी सहायक विजय पाल से 2,793 रुपये सप्ताह भर के अंदर वसूले जाएं। यह राशि निर्धारित समय में न जमा होने पर राजस्व की तरह वसूल की जाए।
उधर, बड़ोखर खुर्द ब्लाक की ग्राम पंचायत चमरहा में इंदिरा आवास आवंटन में की गई धांधली की जांच में दोषी पाए गए तत्कालीन सचिव के खिलाफ आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। तत्कालीन बीडीओ ब्रजकिशोर कुशवाहा द्वारा की गई जांच में सचिव को दोषी पाया गया था। सीडीओ ने उसके निलंबन की संस्तुति की थी लेकिन जिला विकास अधिकारी के यहां यह फाइल दबा दी गई।
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-मरका में मनरेगा कार्यों में घपले का जांच में खुलासा
-सीडीओ ने उपायुक्त को दिए सप्ताह भर में वसूली के निर्देश
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बांदा। बबेरू ब्लाक की ग्राम पंचायत मरका में प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक ने मनरेगा कार्यों में 6.31 लाख रुपये के दुरुपयोग के दोषी पाए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने इन सभी से एक हफ्ते के अंदर यह राशि वसूल करने के आदेश मनरेगा उपायुक्त को दिए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी हीरालाल द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि सरजू डेरा (मरका) गांव निवासी विद्या भूषण निषाद की शिकायत पर की गई जांच में यह बात सामने आई है कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रधान और सचिव समेत तकनीकी सहायकों ने सड़क व पुलिया निर्माण के नाम पर 6,31,331 रुपये का दुरुपयोग किया है। मौके पर कार्य हुआ ही नहीं है और खाते से सामग्री व मजदूरी के नाम पर धनराशि निकाल ली गई। प्रधान व सचिव ने कारण बताओ नोटिस का सही जवाब भी नहीं दिया है। सीडीओ ने डीएम डीपी गिरि द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की आख्या मांगे जाने का हवाला देते हुए मनरेगा उपायुक्त से कहा है कि ग्राम विकास अधिकारी भवानी सिंह से 1,90,845 रुपये, तकनीकी सहायक शारदा प्रसाद द्विवेदी से 2,07,705 रुपये, ग्राम प्रधान विनोद कुमार से 2,10,444 रुपये, ग्राम पंचायत अधिकारी अर्जुन सिंह से 19,598 रुपये और तकनीकी सहायक विजय पाल से 2,793 रुपये सप्ताह भर के अंदर वसूले जाएं। यह राशि निर्धारित समय में न जमा होने पर राजस्व की तरह वसूल की जाए।
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उधर, बड़ोखर खुर्द ब्लाक की ग्राम पंचायत चमरहा में इंदिरा आवास आवंटन में की गई धांधली की जांच में दोषी पाए गए तत्कालीन सचिव के खिलाफ आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। तत्कालीन बीडीओ ब्रजकिशोर कुशवाहा द्वारा की गई जांच में सचिव को दोषी पाया गया था। सीडीओ ने उसके निलंबन की संस्तुति की थी लेकिन जिला विकास अधिकारी के यहां यह फाइल दबा दी गई।
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-मरका में मनरेगा कार्यों में घपले का जांच में खुलासा
-सीडीओ ने उपायुक्त को दिए सप्ताह भर में वसूली के निर्देश