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दस्यु संग्राम व उसके भाई को तीन साल की कैद
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। घर में घुसकर महिला के साथ मारपीट और पति की लाइसेंसी बंदूक व कारतूस लूट ले जाने में दस्यु संग्राम सिंह व भाई को दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने तीन-तीन साल की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियुक्त जेल में है।
नरैनी थाना क्षेत्र के मोतियारी गांव के राजापुर मजरे में राजकुमार प्रजापति पुत्र मैकूराम प्रजापति किसी कार्य से बांदा गया था। घर में पत्नी मुन्नी अपनी किराने की दुकान में बैठी थी। 31 अक्तूबर 2014 को करीब 2.30 बजे दिन में दस्यु संग्राम सिंह और उसका भाई राजाबाबू पुत्रगण बलवान सिंह (निवासी नौगवां थाना कालिंजर) आए और गुटखा मांगा। संग्राम सिंह ने घर में टंगी राजकुमार की लाइसेंसी 12 बोर बंदूक और कारतूस का पट्टा उठा लिया। मना करने पर पत्नी मुन्नी को मारापीटा। धमका कर बंदूक व कारतूस लेकर चला गया। घटना की रिपोर्ट उसी दिन थाने में दर्ज कराई गई।
पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने राजकुमार को पेश किया। उधर, अभियुक्तों ने 23 अगस्त 2018 को जुर्म स्वीकार का प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि वह 8 दिसंबर 2014 से जेल में है। कोई पैरोकार नहीं है। आरोपियों ने जल्द फैसला किए जाने की याचना की। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश (डकैती कोर्ट) नीरज कुमार ने मंगलवार को दोनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए धारा 392, 120 बी, 452 में तीन-तीन साल की कैद व चार-चार हजार जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा न करने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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- लाइसेंसी बंदूक छीनकर की थी मारपीट
- वर्ष 2014 से दोनों अभियुक्त जेल में हैं
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बांदा। घर में घुसकर महिला के साथ मारपीट और पति की लाइसेंसी बंदूक व कारतूस लूट ले जाने में दस्यु संग्राम सिंह व भाई को दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने तीन-तीन साल की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियुक्त जेल में है।
नरैनी थाना क्षेत्र के मोतियारी गांव के राजापुर मजरे में राजकुमार प्रजापति पुत्र मैकूराम प्रजापति किसी कार्य से बांदा गया था। घर में पत्नी मुन्नी अपनी किराने की दुकान में बैठी थी। 31 अक्तूबर 2014 को करीब 2.30 बजे दिन में दस्यु संग्राम सिंह और उसका भाई राजाबाबू पुत्रगण बलवान सिंह (निवासी नौगवां थाना कालिंजर) आए और गुटखा मांगा। संग्राम सिंह ने घर में टंगी राजकुमार की लाइसेंसी 12 बोर बंदूक और कारतूस का पट्टा उठा लिया। मना करने पर पत्नी मुन्नी को मारापीटा। धमका कर बंदूक व कारतूस लेकर चला गया। घटना की रिपोर्ट उसी दिन थाने में दर्ज कराई गई।
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पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने राजकुमार को पेश किया। उधर, अभियुक्तों ने 23 अगस्त 2018 को जुर्म स्वीकार का प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि वह 8 दिसंबर 2014 से जेल में है। कोई पैरोकार नहीं है। आरोपियों ने जल्द फैसला किए जाने की याचना की। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश (डकैती कोर्ट) नीरज कुमार ने मंगलवार को दोनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए धारा 392, 120 बी, 452 में तीन-तीन साल की कैद व चार-चार हजार जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा न करने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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- लाइसेंसी बंदूक छीनकर की थी मारपीट
- वर्ष 2014 से दोनों अभियुक्त जेल में हैं