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गैरइरादतन हत्या में 10 साल की कैद
Sat, 30 Mar 2019 11:42 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
बांदा, उत्तर प्रदेश
बांदा, उत्तर प्रदेश
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 30 Mar 2019 11:42 PM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
अवैध संबंधों का विरोध करने पर पत्नी की पीटकर हत्या करने के मामले में आरोपी पति को अदालत ने गैरइरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त जेल होगी। जमानत निरस्त कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
मर्का थानाक्षेत्र के गुजेनी गांव निवासी रामचंद्र यादव पुत्र गुड्डू यादव ने 19 मई 2016 को थाने में तहरीर दी थी कि उसकी चचेरी बहन सावित्री यादव की शादी वर्ष 2002 में मर्का थानाक्षेत्र के मटेहना गांव निवासी अशर्फी लाल यादव पुत्र राम गुलाम के साथ हुई थी। पति अशर्फी लाल के कई महिलाओं से अवैध संबंध थे।
जिसका विरोध करने पर वह पत्नी सावित्री से अक्सर मारपीट करता था। 12 मई 2016 को रंगेहाथ पकड़ने पर उसने सावित्री को बेरहमी से मारापीटा था। जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने धारा 304 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी पति को जेल भेज दिया और विवेचना के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी।
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षष्ठम अपर जिला सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई के बाद शनिवार को गैर इरादतन हत्या में दोषी पति अशर्फीलाल को धारा 304 में 10 साल की कठोर कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त जेल होगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने 5 गवाह पेश किए।
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मर्का थानाक्षेत्र के गुजेनी गांव निवासी रामचंद्र यादव पुत्र गुड्डू यादव ने 19 मई 2016 को थाने में तहरीर दी थी कि उसकी चचेरी बहन सावित्री यादव की शादी वर्ष 2002 में मर्का थानाक्षेत्र के मटेहना गांव निवासी अशर्फी लाल यादव पुत्र राम गुलाम के साथ हुई थी। पति अशर्फी लाल के कई महिलाओं से अवैध संबंध थे।
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जिसका विरोध करने पर वह पत्नी सावित्री से अक्सर मारपीट करता था। 12 मई 2016 को रंगेहाथ पकड़ने पर उसने सावित्री को बेरहमी से मारापीटा था। जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने धारा 304 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी पति को जेल भेज दिया और विवेचना के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी।
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षष्ठम अपर जिला सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई के बाद शनिवार को गैर इरादतन हत्या में दोषी पति अशर्फीलाल को धारा 304 में 10 साल की कठोर कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त जेल होगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने 5 गवाह पेश किए।