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50 तक गिनती, पांच तक पहाड़ा सीखकर हो गए साक्षर

Wed, 29 Dec 2021 11:55 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 29 Dec 2021 11:55 PM IST
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Counting up to 50, became literate after learning the table till five
Counting up to 50, became literate after learning the table till five - फोटो : BANDA
बांदा। 50 तक की गिनती, पांच तक पहाड़ा और ककहरा सिखाकर 58 ग्राम प्रधानों को साक्षर बनाया गया। एक माह की पढ़ाई पूरी करने के बाद मंगलवार को प्रधानों की परीक्षा ली गई और बुधवार को सभी को साक्षरता प्रमाणपत्र दे दिए गए। प्रशासन के मुताबिक अब जनपद के सभी 469 ग्राम प्रधान साक्षर हैं।
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जिलाधिकारी के पहल पर 28 नवंबर से जनपद के 53 महिला व पांच पुरुष निरक्षर ग्राम प्रधानों को साक्षर बनाने की मुहिम शुरू की गई थी। प्रधानों को पढ़ाने के लिए प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों सहित अधिकारियों को लगाया गया था। एक माह तक प्रधानों ने ककहरा, गिनती, पहाड़ा और अपने हस्ताक्षर बनाना सीखा। मंगलवार को एडीओ पंचायत के निर्देशन में ब्लाक स्तर पर इनकी परीक्षा कराई गईं। प्रधानों को 1 से 50 तक गिनती, 2 से 5 तक पहाड़ा और ककहरा तथा अपना नाम लिखवाया गया। यह परीक्षा 20 अंकों की थी। बुधवार को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन हुआ। सभी परीक्षार्थी प्रधान पास हो गए।
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एडीपीआरओ रमेशचंद्र गुप्ता ने बताया कि साक्षर होने वाले प्रधानों में सबसे ज्यादा 14 प्रधान नरैनी ब्लाक के हैं। महुआ ब्लॉक के 13, बड़ोखर व कमासिन के 7-7, जसपुरा व तिंदवारी के 3-3 और बबेरू के पांच प्रधानों को साक्षर होने का प्रमाणपत्र दिया गया है।
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अक्षर की थी नहीं पहचान, अब सब काम आसान
तिंदवारी ब्लाक के गजनी गांव की प्रधान शिवगुनी ने बताया कि वह हस्ताक्षर व हिसाब-किताब नहीं कर पाती थीं। अक्षर भी नहीं पहचानती थीं। एक माह के साक्षरता अभियान में उन्होंने न केवल नाम लिखना सीखा बल्कि पहाड़ा, गिनती आदि भी सीखा। आज वह अपने हस्ताक्षर करतीं हैं।

अंगूठा लगाकर चलाती थीं प्रधानी
नरैनी ब्लाक के नीबी गांव की प्रधान कमलावती ने बताया कि पहले वह अपना नाम तक नहीं लिख पाती थीं। बैंक व अन्य सरकारी कामकाज में अंगूठा लगाती थीं। दूसरों को हस्ताक्षर करते देखकर बड़ी पीड़ा होती थी। अब वह अपने नाम समेत पति व पूरे घर का नाम लिख लेतीं हैं।
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