{"_id":"5ecea47e8ebc3e909f68f867","slug":"congressmen-protest-against-state-president-s-release-banda-news-knp5623417127","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश अध्यक्ष की रिहाई को कांग्रेसियों का धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश अध्यक्ष की रिहाई को कांग्रेसियों का धरना
विज्ञापन
प्रदेश अध्यक्ष की रिहाई की मांग लेकर प्रदर्शन करते कांग्रेस नेता।
- फोटो : BANDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए बसों के मुद्दे पर प्रदेश सरकार का विरोध कर रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को गिरफ्तार किए जाने के बाद बुधवार को यहां कांग्रेस नेताओं ने धरना देकर राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। प्रदेश अध्यक्ष की रिहाई और पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुए केस वापस करने की मांग की।
स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट के पास धरने के बाद कलक्ट्रेट में ज्ञापन दिया। गवर्नर को संबोधित ज्ञापन में कहा गया कि महानगरों से लौट रहे प्रवासी मजदूरों की मार्मिक तस्वीरें और खबरें मीडिया में लगातार आ रही हैं। इन्हें बसों से घर पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने यूपी में एक हजार बसें भेजीं थीं। लेकिन प्रदेश सरकार ने हठधर्मी का रवैया अपनाते हुए इन्हें अनुमति नहीं दी।
सरकार के इस रवैए का विरोध करने पर प्रदेश अध्यक्ष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। प्रदेश में कांग्रेस नेताओं के ऊपर फर्जी मुकदमें दर्ज कर दिए गए। यह सरकार की तानाशाही नीति का द्योतक है। मांग की गई कि प्रदेश अध्यक्ष की रिहाई और दर्ज मुकदमों की वापसी की जाए।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित, पीसीसी सदस्य मुमताज अली, सीमा खान, अशोकवर्धन कर्ण, जिलानी दुर्रानी, कुलदीप मिश्रा, रामहित निषाद, अल्तमश हुसैन, अशरफ उल्ला रंपा, धीरेंद्र पटेल, दीनानाथ निषाद, पीपी चौरसिया, अफसाना बेगम, वीरेंद्र तिवारी, अस्मत जहां इत्यादि शामिल रहे।
विज्ञापन
स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट के पास धरने के बाद कलक्ट्रेट में ज्ञापन दिया। गवर्नर को संबोधित ज्ञापन में कहा गया कि महानगरों से लौट रहे प्रवासी मजदूरों की मार्मिक तस्वीरें और खबरें मीडिया में लगातार आ रही हैं। इन्हें बसों से घर पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने यूपी में एक हजार बसें भेजीं थीं। लेकिन प्रदेश सरकार ने हठधर्मी का रवैया अपनाते हुए इन्हें अनुमति नहीं दी।
विज्ञापन
सरकार के इस रवैए का विरोध करने पर प्रदेश अध्यक्ष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। प्रदेश में कांग्रेस नेताओं के ऊपर फर्जी मुकदमें दर्ज कर दिए गए। यह सरकार की तानाशाही नीति का द्योतक है। मांग की गई कि प्रदेश अध्यक्ष की रिहाई और दर्ज मुकदमों की वापसी की जाए।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित, पीसीसी सदस्य मुमताज अली, सीमा खान, अशोकवर्धन कर्ण, जिलानी दुर्रानी, कुलदीप मिश्रा, रामहित निषाद, अल्तमश हुसैन, अशरफ उल्ला रंपा, धीरेंद्र पटेल, दीनानाथ निषाद, पीपी चौरसिया, अफसाना बेगम, वीरेंद्र तिवारी, अस्मत जहां इत्यादि शामिल रहे।