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बुंदेलखंड राज्य और बकस्वाह जंगल के लिए खून से पत्र लिखा
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civic,bundelkhand,banda news
- फोटो : BANDA
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बबेरू। हीरा नहीं हरियाली चाहिए, बुंदेलखंड की खुशहाली चाहिए। बुंदेलखंड राज्य और बकस्वाह जंगल बचाने आदि की मांग लेकर बुंदेलखंड राष्ट्र समिति ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री तथा यूपी-एमपी सीएम को संबोधित पत्र खून से लिखकर भेजे हैं। समिति प्रमुख डालचंद्र मिश्र के नेतृत्व में शनिवार को सदस्यों ने औगासी रोड स्थित गांधी पार्क में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया।
बुंदेलखंड के लिए 17वीं बार पीएम और सीएम को संबोधित को खून से लिखा मांग पत्र भेजा। मुख्य मांग बुंदेलखंड राज्य के अलावा बकस्वाह जंगल को बचाने की रही। कहा कि एक तरफ सरकार ऑक्सीजन प्लांट लगवा रही है और दूसरी तरफ हीरा के लिए हजारों साल पुराने बुंदेलखंड के बकस्वाह जंगल को खत्म कराने में आमादा है। बकस्वाह जंगल काटे जाने का पूरे देश में विरोध हो रहा है।
सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई है। इस पर पहली जुलाई को सुनवाई है। प्रभारी अमित यादव ने बताया कि बांदा के अलावा छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर व चित्रकूट आदि जिलों में पर्यावरण प्रेमी अपने खून से खत लिख रहे हैं। शैलेंद्र जौहरी ने कहा कि पेड़ ही असली हीरा है। इस मौके पर शाश्वत पांडेय, शुभम कश्यप, प्रदीप मिश्रा, देवानंद, साजन तिवारी, पप्पू गुप्ता, राकेश पटेल आदि ने भी खत लिखने के लिए खून दिया। (संवाद)
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बुंदेलखंड के लिए 17वीं बार पीएम और सीएम को संबोधित को खून से लिखा मांग पत्र भेजा। मुख्य मांग बुंदेलखंड राज्य के अलावा बकस्वाह जंगल को बचाने की रही। कहा कि एक तरफ सरकार ऑक्सीजन प्लांट लगवा रही है और दूसरी तरफ हीरा के लिए हजारों साल पुराने बुंदेलखंड के बकस्वाह जंगल को खत्म कराने में आमादा है। बकस्वाह जंगल काटे जाने का पूरे देश में विरोध हो रहा है।
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सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई है। इस पर पहली जुलाई को सुनवाई है। प्रभारी अमित यादव ने बताया कि बांदा के अलावा छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर व चित्रकूट आदि जिलों में पर्यावरण प्रेमी अपने खून से खत लिख रहे हैं। शैलेंद्र जौहरी ने कहा कि पेड़ ही असली हीरा है। इस मौके पर शाश्वत पांडेय, शुभम कश्यप, प्रदीप मिश्रा, देवानंद, साजन तिवारी, पप्पू गुप्ता, राकेश पटेल आदि ने भी खत लिखने के लिए खून दिया। (संवाद)
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