{"_id":"6226419912df141afc1201ff","slug":"civic-banda-news-knp684393985","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिंदा को मरा बताया, बंद हो गई वृद्धावस्था पेंशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिंदा को मरा बताया, बंद हो गई वृद्धावस्था पेंशन
विज्ञापन
civic
- फोटो : BANDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। वृद्धावस्था पेंशन के जीवित लाभार्थी को सत्यापन करने वाले कर्मियों ने मृतक दर्शा दिया। नतीजे में बेसहारा वृद्ध आठ माह से पेंशन से वंचित है। सोमवार को वृद्ध ने अधिकारियों के सामने खुद को पेश होकर सुबूत दिया कि वह जिंदा है। समाज कल्याण अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को सचिव पर कार्रवाई को लिखा है।
महुआ विकास खंड के नाई गांव निवासी भगवंता ने सोमवार को कलक्ट्रेट में डिप्टी कलेक्टर लाल सिंह यादव के समक्ष पेश होकर दी अर्जी में कहा कि वह गरीब, असहाय और भूमिहीन है। समाज कल्याण विभाग से वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। जिससे वह अपना भरण पोषण कर रहा था। जुलाई 2021 से उसके खाते में पेंशन नहीं आई। गांव वालों से मांगकर किसी तरह अपना काम चला रहा है। वृद्ध ने बताया कि उसे पता चला है कि सत्यापन में उसे मृत दर्शा दिया गया है। इससे पेंशन रुक गई है। डिप्टी कलेक्टर ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
उधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी गीता सिंह का कहना है कि वार्षिक सत्यापन में ग्राम पंचायत सचिव ने मृतक दर्शाया है। उन्होंने बीडीओ को जांच और दोषी पाए जाने पर सचिव के खिलाफ कार्रवाई को कहा है। साथ ही लाभार्थी को नया आवेदन करने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
महुआ विकास खंड के नाई गांव निवासी भगवंता ने सोमवार को कलक्ट्रेट में डिप्टी कलेक्टर लाल सिंह यादव के समक्ष पेश होकर दी अर्जी में कहा कि वह गरीब, असहाय और भूमिहीन है। समाज कल्याण विभाग से वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। जिससे वह अपना भरण पोषण कर रहा था। जुलाई 2021 से उसके खाते में पेंशन नहीं आई। गांव वालों से मांगकर किसी तरह अपना काम चला रहा है। वृद्ध ने बताया कि उसे पता चला है कि सत्यापन में उसे मृत दर्शा दिया गया है। इससे पेंशन रुक गई है। डिप्टी कलेक्टर ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
विज्ञापन
उधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी गीता सिंह का कहना है कि वार्षिक सत्यापन में ग्राम पंचायत सचिव ने मृतक दर्शाया है। उन्होंने बीडीओ को जांच और दोषी पाए जाने पर सचिव के खिलाफ कार्रवाई को कहा है। साथ ही लाभार्थी को नया आवेदन करने को कहा है।
विज्ञापन