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शहर की बिजली पर खर्च बजट की हो जांच, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष ने की ऊर्जा मंत्री से शिकायत
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बांदा। शहर के कई मोहल्लों और जल संस्थान के पेयजल इंटेकवेल और पंपिंग स्टेशनों को बिजली आपूर्ति करने वाले भूरागढ़ फीडर की हालत बेहद खराब है। भीषण गर्मी और उमस में इस फीडर से जुड़े दस हजार से अधिक उपभोक्ता दिन-रात बिजली संकट से जूझ रहे हैं। पेयजल संकट भी है।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजकर भूरागढ़ फीडर की बदहाली बताई है। उन्होंने बिजली विभाग द्वारा शहर की लाइनों आदि के अनुरक्षण पर चार साल में खर्च किए गए पैसे की जांच की मांग की है।
भाजपा नेता ने कहा है कि मंडल मुख्यालय के लगभग सभी फीडर उपभोक्ताओं को नियमित बिजली नहीं दे पा रहे है। फाल्ट, ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज की भरमार है, जबकि अनुरक्षण के नाम पर हर साल लाखों रुपये का बजट ठिकाने लगा दिया जाता है। भूरागढ़ फीडर इसकी बानगी है। यह पेयजल आपूर्ति से भी जुड़ा है।
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आए दिन फाल्ट से रात-रातभर आपूर्ति बंद हो रही है। दिन-रात ट्रिपिंग का सिलसिला जारी है। उपभोक्ता गर्मी और उमस में परेशान है। पेयजल संकट से भी जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मरों और लाइनों आदि की मरम्मत के नाम पर पावर कार्पोरेशन ने बड़ा घोटाला किया है। 1 अप्रैल 2016 से अब तक मरम्मत और अनुरक्षण के खर्च बजट की जांच और भूरागढ़ फीडर को दुरुस्त कराकर नियमित बिजली आपूर्ति की मांग की है।
शुकुलकुआं में पानी का संकट
बांदा। शहर के शुकुलकुआं, झील का पुरवा के हजारों बाशिंदे पीने के पानी को लेकर परेशान हैं। सोमवार को सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सुशील त्रिवेदी के नेतृत्व में लोगों ने कलक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। कहा कि वर्ष 2016 में यहां पाइप लाइन बिछाई गई थी, लेकिन आज तक पानी की आपूर्ति नहीं शुरू हुई। दूरदराज से पानी लाना पड़ रहा है। यह संकट कई साल है। सपा नेता ने बताया कि डीएम ने जल संस्थान अधिशासी अभियंता को एक हफ्ते के अंदर पेयजल संकट का हल किए जाने के निर्देश दिए हैं। यदि इस अवधि में समस्या नहीं निपटी तो जनांदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में अभिषेक गौतम, असलम खां, अभिषेक शुक्ला, सुबोध द्विवेदी, दीपक तिवारी, ऋषि यादव, धीर सिंह, अंकित यादव, आशीष तिवारी आदि शामिल रहे।
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भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजकर भूरागढ़ फीडर की बदहाली बताई है। उन्होंने बिजली विभाग द्वारा शहर की लाइनों आदि के अनुरक्षण पर चार साल में खर्च किए गए पैसे की जांच की मांग की है।
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भाजपा नेता ने कहा है कि मंडल मुख्यालय के लगभग सभी फीडर उपभोक्ताओं को नियमित बिजली नहीं दे पा रहे है। फाल्ट, ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज की भरमार है, जबकि अनुरक्षण के नाम पर हर साल लाखों रुपये का बजट ठिकाने लगा दिया जाता है। भूरागढ़ फीडर इसकी बानगी है। यह पेयजल आपूर्ति से भी जुड़ा है।
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आए दिन फाल्ट से रात-रातभर आपूर्ति बंद हो रही है। दिन-रात ट्रिपिंग का सिलसिला जारी है। उपभोक्ता गर्मी और उमस में परेशान है। पेयजल संकट से भी जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मरों और लाइनों आदि की मरम्मत के नाम पर पावर कार्पोरेशन ने बड़ा घोटाला किया है। 1 अप्रैल 2016 से अब तक मरम्मत और अनुरक्षण के खर्च बजट की जांच और भूरागढ़ फीडर को दुरुस्त कराकर नियमित बिजली आपूर्ति की मांग की है।
शुकुलकुआं में पानी का संकट
बांदा। शहर के शुकुलकुआं, झील का पुरवा के हजारों बाशिंदे पीने के पानी को लेकर परेशान हैं। सोमवार को सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सुशील त्रिवेदी के नेतृत्व में लोगों ने कलक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। कहा कि वर्ष 2016 में यहां पाइप लाइन बिछाई गई थी, लेकिन आज तक पानी की आपूर्ति नहीं शुरू हुई। दूरदराज से पानी लाना पड़ रहा है। यह संकट कई साल है। सपा नेता ने बताया कि डीएम ने जल संस्थान अधिशासी अभियंता को एक हफ्ते के अंदर पेयजल संकट का हल किए जाने के निर्देश दिए हैं। यदि इस अवधि में समस्या नहीं निपटी तो जनांदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में अभिषेक गौतम, असलम खां, अभिषेक शुक्ला, सुबोध द्विवेदी, दीपक तिवारी, ऋषि यादव, धीर सिंह, अंकित यादव, आशीष तिवारी आदि शामिल रहे।