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चोहड़े खोदकर कर रहे पानी का जुगाड़
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 26 Apr 2016 11:11 PM IST
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बागै नदी किनारे यूं चोहड़ (गड्ढे) खोदकर पानी का जुगाड़ कर रहे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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बदौसा। बागै नदी के तटवर्ती गांवों में पेयजल का गंभीर संकट है। यहां नदी का पानी प्रदूषित होने से लोग नदी किनारे चोहड़े (गड्ढे) खोदकर पानी का जुगाड़ कर रहे हैं। बदौसा, दुबरिया, बरछा-ब, चंदौर, पौहार, तरसूमा, महुटा, उदयपुर, भुसासी गांव के आसपास बागै नदी की जलधारा सूखने की कगार पर है। बचाखुचा पानी बुरी तरह प्रदूषित हो गया है। इसका रंग भी बदल चुका है।
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प्रदूषित पानी से बचने के लिए लोगों ने नदी किनारे चोहड़े खोद लिए हैं। इन चोहड़ों में नदी का पानी रिसकर आता है। ग्रामीण इसी पानी को ले जाकर पीने व अन्य घरेलू जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल कर रहे हैं। कसबा समेत बरछा-ब व दुबरिया में तुर्रा समूह पेयजल योजना से जलापूर्ति की जाती है। यहां 50 फीसदी से अधिक आबादी में कभी पानी की बूंद नहीं फूटी। नतीजे में लोग नदी का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
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