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एसबीआई की चेस्ट शाखा भी कंगाल
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 21 Dec 2016 12:36 AM IST
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कालूकुआं स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक मेें काउंटर पर ग्राहकों की भीड़।
- फोटो : amarujala
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बैंकों में कैश की बदहाली बरकरार है। ग्रामीण बैंक में तो शुरू से ही कैश का रोना था, अब एसबीआई की मुख्य शाखा भी कंगाल नजर आ रही है। जबकि यह चेस्ट बैंक है। यहां के एटीएम दूसरे दिन भी बंद रहे। उधर, बैंक आफ बड़ौदा में भी अधिकांश खाताधारकों को कैश के बजाए धक्के मिल रहे हैं। अतर्रा में वद्ध खाताधरक को चक्कर आ गए। वह गिरकर बेहोश हो गया।
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नोटबंदी लागू हुए करीब 42 दिन हो गए। बैंकों की स्थिति नहीं सुधर रही। वास्तविक संकट से कहीं ज्यादा बैंक अधिकारियों की बदनियती से खाताधारक परेशान हो रहे हैं। बैंक की बुरी तरह छवि धूमिल हो रही है। मंगलवार को स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में कुछ लोगों को ही मात्र 5-5 हजार रुपये दिए गए। पुलिस विभाग के रिटायर्ड उप निरीक्षक विजय पाल ने बताया कि दोपहर 12 बजे से कूपन लेकर लाइन में लगे रहे। शाम सवा चार बजे बैंक वालों ने यह कहकर बैरंग लौटा दिया कि अब न कैश न समय। बड़ी संख्या में खाताधारक बैंक अधिकारियों को कोसते रहे। मुख्य शाखा की एटीएम में भी ताले पड़े रहे।
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उधर, महेश्वरी देवी रोड पर स्थित बैंक आफ बड़ौदा में भी खाताधारकोें को धक्के खाने के बावजूद पर्याप्त पैसा नहीं मिला। यहां कुछ ही लोगों को 10 हजार रुपये का भुगतान किया गया। हालांकि प्रबंधक का कहना था कि साढ़े 7 लाख रुपये जमा हुए हैं। लेकिन बांटे सिर्फ साढ़े तीन लाख गए। उधर, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की ब्रांचों में कैश का टोटा बरकरार है। इन ब्रांचों में शहर और गांवाें में रोज खाताधारक हंगामे कर रहे हैं। मंगलवार को अलीगंज स्थित तिंदवारा ब्रांच और जेल रोड पर स्थित कनवारा ब्रांच में खाताधारकों से कई बार बैंक कर्मियों से झड़प हुई। कालूकुआं में स्थित पल्हरी ब्रांच में मात्र एक हजार रुपये दिए जाने से खाताधारकों में रोष रहा। यहां खाताधारकों ने हंगामा करते हुए नारे भी लगाए। चौकी पुलिस ने शांत किया। हालांकि प्रबंधक का कहना था कि कैश की कमी के बावजूद दो हजार रुपये बांट रहे हैं।
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अतर्रा। बांदा रोड स्थित स्टेट बैंक कृषि विकास शाखा मेें पैसा न मिलने से वृद्ध खाताधारक धरमपाल उपाध्याय (सेमरिया) चक्कर खाकर गिर पड़ा। बाद में बताया कि दो घंटे से लाइन में था। बता दिया गया कि पैसा खत्म हो गया। इसी सदमे में उसे चक्कर आ गए। सपा नेता संजय साहू ने वृद्ध खाताधारक को बैंक मैनेजर से मिलवाया और 20 हजार रुपये का भुगतान कराया। हालांकि खाताधारक के गिर पड़ने से बैंक प्रबंधक ने अनभिज्ञता जताई।