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सेंट्रल एसी प्लांट खराब, आपरेशन थियेटर में ताले

Sat, 10 Jul 2021 10:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jul 2021 10:39 PM IST
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Central AC plant malfunctions, locks in operation theater
बांदा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। यहां स्थापित सेंट्रल एसी (एअर कंडीशन) प्लांट कई माह से खराब पड़ा है, जिससे मेडिकल कॉलेज के सभी आपरेशन थियेटर में ताले लटक रहे हैं।
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कई विभागों के विशेषज्ञों द्वारा सर्जरी नहीं की जा रही। सिर्फ इमर्जेंसी और डिलीवरी के आपरेशन हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की मांग पर मंडलायुक्त ने शासन को पत्र भेजा है। इसकी मरम्मत में लगभग सवा करोड़ रुपये खर्च आएगा। मेडिकल कॉलेज की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी।
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तभी यहां करोड़ों रुपये की लागत से सेंट्रल एसी प्लांट स्थापित हुआ था, लेकिन मरम्मत के अभाव में प्लांट करीब आठ माह से बंद पड़ा है। कोरोना की दूसरी लहर में भी इसे दुरुस्त करने की शासन-प्रशासन ने सुध नहीं ली। जुगाड़ व्यवस्था के तहत स्प्रिट एसी लगाकर काम चलाया गया। अभी भी आईसीयू, इमर्जेंसी ओपीडी, मॉड्यूलर आपरेशन थियेटर स्प्रिट एअर कंडीशन के सहारे चल रहे हैं।
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मुख्य एसी प्लांट बंद होने पर अन्य विभागों की सर्जरी ठप है। खास बात यह है कि बगैर एसी के लेक्चर थियेटर भी नहीं चल रहे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की दलील है कि मेंटीनेंस बजट न होने से इसकी मरम्मत नहीं कराई जा सकी।
करीब एक साल से इसके लिए कोई बजट नहीं मिला। सेंट्रल एसी प्लांट की मरम्मत के लिए लगभग सवा करोड़ रुपये की दरकार है। प्लांट के उपकरण खराब हो गए। पाइप लाइन और कूलिंग प्वाइंट भी दुरुस्त करने की जरूरत है।
मेंटीनेंस बजट से ठीक कराया जाएगा
मेडिकल कालेज के सेंट्रल एसी प्लांट को ठीक कराने के लिए मंडलायुक्त से अनुरोध किया गया था। शासन को समस्या से अवगत भी कराया है। रिमाइंडर भी भेज चुके हैं। इसकी मरम्मत में लगभग सवा करोड़ रुपये खर्च बताया गया है।

मेंटीनेंस बजट स्वीकृत होने पर ही इसे ठीक कराया जा सकेगा। प्लांट बंद होने से नाक, कान, गला, आंख, हड्डी आदि विभागों की सर्जरी नहीं हो रही। पूर्व में रोजाना लगभग 10-12 आपरेशन होते रहे हैं।
- डा. मुकेश कुमार यादव, प्रधानाचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज, बांदा।
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