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खदान खोखली होने के बाद चेता प्रशासन
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Caution administration after mine is hollow
- फोटो : BANDA
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खप्टिहा कलां/बांदा। बारिश के बाद अक्तूबर से शुरू हुईं बालू खदानों को पिछले सात माह में रात-दिन भारी भरकम मशीनों से खोखला कर देने के बाद खदान संचालकों के हथकंडों पर प्रशासन ने अब सुध ली है। खप्टिहा कलां में केन नदी की जलधारा में अरसे से बने अवैध रास्ते को शुक्रवार को ढहा दिया गया। पूर्व में भी नदी में बनाए गए रास्तों को तोड़ने की रस्म अदायगी होती रही है।
खप्टिहा कलां के खंड संख्या 100/3 खदान पर खनन करा रहे पट्टाधारकों ने नदी की जलधारा रोककर रास्ता बना लिया था। पानी के बीच पुराव कराकर लोहे की मोटी चादरें डाली गई थीं। इनसे रात-दिन ओवरलोड ट्रक गुजर रहे थे। क्षेत्रीय लोगों और किसानों आदि ने कई बार शिकायतें कीं पर खनिज विभाग और प्रशासन चुप्पी साधे रहा। खदान संचालकों ने भारी-भरकम पोकलैंड, जेसीबी, लिफ्टर आदि मशीनों से रात-दिन खनन करके खदान खोखली कर दी। अब लगभग यहां बालू खत्म होने को है। तब खनिज विभाग ने रास्ते तोड़ने की रस्म अदायगी की।
खनिज इंसपेक्टर सुखेंद्र सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और नदी में बनाए गए रास्ते को जेसीबी से तहस-नहस करा दिया। मशीनों से खनन पर कहा कि जांच कराएंगे। स्थानीय भोला सिंह, पप्पू तिवारी, अर्जुन सिंह आदि ने खनिज इंस्पेक्टर को बताया कि रास्ता तोड़ने की रस्म अदायगी तीसरी बार की जा रही है। हर बार रास्ता तोड़ने के कुछ ही दिन बाद खदान संचालक पुन: बना लेते हैं। बिना ओटीपी अवैध खनन हो रहा है। इन सवालों पर खनिज इंस्पेक्टर खामोश रहे।
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उधर, एसडीएम रवि शर्मा ने कहा कि अवैध खनन की शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी और अवैध खनन पाया गया तो जुर्माना होगा। साथ ही नदी में अवैध रास्ता नहीं बनने दिया जाएगा।
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खप्टिहा कलां के खंड संख्या 100/3 खदान पर खनन करा रहे पट्टाधारकों ने नदी की जलधारा रोककर रास्ता बना लिया था। पानी के बीच पुराव कराकर लोहे की मोटी चादरें डाली गई थीं। इनसे रात-दिन ओवरलोड ट्रक गुजर रहे थे। क्षेत्रीय लोगों और किसानों आदि ने कई बार शिकायतें कीं पर खनिज विभाग और प्रशासन चुप्पी साधे रहा। खदान संचालकों ने भारी-भरकम पोकलैंड, जेसीबी, लिफ्टर आदि मशीनों से रात-दिन खनन करके खदान खोखली कर दी। अब लगभग यहां बालू खत्म होने को है। तब खनिज विभाग ने रास्ते तोड़ने की रस्म अदायगी की।
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खनिज इंसपेक्टर सुखेंद्र सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और नदी में बनाए गए रास्ते को जेसीबी से तहस-नहस करा दिया। मशीनों से खनन पर कहा कि जांच कराएंगे। स्थानीय भोला सिंह, पप्पू तिवारी, अर्जुन सिंह आदि ने खनिज इंस्पेक्टर को बताया कि रास्ता तोड़ने की रस्म अदायगी तीसरी बार की जा रही है। हर बार रास्ता तोड़ने के कुछ ही दिन बाद खदान संचालक पुन: बना लेते हैं। बिना ओटीपी अवैध खनन हो रहा है। इन सवालों पर खनिज इंस्पेक्टर खामोश रहे।
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उधर, एसडीएम रवि शर्मा ने कहा कि अवैध खनन की शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी और अवैध खनन पाया गया तो जुर्माना होगा। साथ ही नदी में अवैध रास्ता नहीं बनने दिया जाएगा।