निकलने लगी हड़ताल की हवा
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बांदा। हड़ताल से पहले ही दिन जिला अस्पताल में मौतों का सिलसिला शुरू होने पर शासन और प्रशासन द्वारा अपनाए गए कड़े तेवर और फार्मासिस्टों की रातों-रात गिरफ्तारी से दूसरे ही दिन स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल की हवा निकलने लगी। स्टाफ नर्स काम पर लौट आईं। चीफ फार्मेसिस्ट को पुलिस हिरासत में ले लिए जाने के बाद सभी विभागों के हड़ताली कर्मचारियों ने तत्काल एसडीएम को चाबियां सौंप दीं। हालांकि फार्मेसिस्ट और लैब टेक्नीशियन व आप्टोमेट्रेस्टि अभी हड़ताल पर डटे हुए हैं। दूसरे दिन भी मरीज परेशान रहे। हालांकि प्राइवेट कर्मचारियों को लगाने से कुछ राहत मिली।
मंगलवार को हड़ताल के पहले दिन चार बीमारों की मौत के बाद हड़ताली कर्मियों के नेताओं की रात में पुलिस ने धरपकड़ शुरू कर दी। यह सब अस्पताल के स्टोर और लैब आदि की चाबियां अपने कब्जे में लिए हुए थे। महिला अस्पताल के चीफ फार्मेसिस्ट शिवाकांत तिवारी को एसडीएम प्रहलाद सिंह ने कोतवाली प्रभारी के साथ छापा मारकर हिरासत में ले लिया। उसने एसडीएम को चाबियां सौंप दी। अन्य कर्मियों ने भी चाबियां वापस कर दीं। बाद में शिवाकांत को छोड़ दिया गया। इस सख्ती का असर यह हुआ कि बुधवार को नर्सें काम पर लौट आईं। अध्यक्ष अवधेश कुमार का कहना था कि लखनऊ में वार्ता के बाद हड़ताल खत्म हुई है।