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बुंदेली महिलाओं ने खोजा दाल मिल से समृद्धि का रास्ता

Mon, 18 Oct 2021 11:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 18 Oct 2021 11:48 PM IST
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Bundeli women find the way to prosperity through pulse mill
Bundeli women find the way to prosperity through pulse mill - फोटो : BANDA
बांदा। मामूली आय पर घर का खर्च चलाने वाली महिलाओं ने कुछ अलग करने की ठानी तो हालात बदल गए। महिलाओं ने सरकारी मदद और समूह के सहयोग से दाल उत्पादन इकाई स्थापित कर अरहर दाल का कारोबार शुरू किया। ेसमूह द्वारा तैयार की जाने वाली देसी अरहर दाल बुंदेलखंड के कई जिलों के लोगों की पसंदीदा बन चुकी है। दाल इकाई के माध्यम से महिलाएं न सिर्फ उद्यमी बनकर आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ रही हैं, बल्कि स्वावलंबी भी बन रही हैं।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ने गांवों में समूह गठित कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम शुरू किया है। बुंदेलखंड में ऐसे 26 हजार से अधिक महिला समूह हैं, जो विभिन्न व्यवसाय से जुड़कर अपना व अन्य महिलाओं के परिवार की आर्थिक समृद्धि सुधारने में लगे हैं। इनमें से एक नरैनी स्थित दाल उत्पादन इकाई है। महिलाओं ने मार्च 2020 में सीएलएफ (संकुल स्तरीय संघ) से दो लाख रुपये कर्ज लेकर दाल उत्पादन इकाई लगाई थी।
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महज डेेढ़ साल में इकाई का सालाना टर्नओवर 15 से 20 लाख रुपये हो गया। बुंदेलखंड के कई जिलों में देसी अरहर दाल की गुणवत्ता और ब्रांड पहचान बन चुकी है। करीब 500 क्विंटल दाल की बिक्री बुंदेलखंड के कई जिलों में की जा चुकी है। इस व्यवसाय से 24 से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। हर माह पांच से छह हजार रुपये कमा रही हैं। समूह की महिलाओं ने सीएलएफ से लिया कर्ज भी अदा कर दिया है। अब आमदनी हो रही है।
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परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। बच्चों की पढ़ाई व घर खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। दाल उत्पादन इकाई के बाद आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। अब आसानी से खर्च पूरे हो रहे हैं। उत्पादन इकाई में 24 से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। प्रतिमाह पांच से छह हजार रुपये आमदनी हो जाती है।- गायत्री देवी, अध्यक्ष
गायत्री संकुल संघ (पल्हरी)।
समूह की महिलाएं दाल उत्पादन इकाई लगाकर बेहतर काम कर रही हैं। इससे जहां बुंदेलखंड के लोगों को शुद्ध देसी अरहर की दाल मिल रही है, वहीं समूह की महिलाओं को रोजगार भी मिला है। महिलाओं की जो भी समस्याएं होंगी उनका समाधान कराया जाएगा। महिलाओं का आगे बढ़ना नाज की बात है। -रामकुमार, एसडीएम, (नरैनी)

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नरैनी में समूह की महिलाओं ने दाल उत्पादन इकाई स्थापित कर बेहतर काम किया है। समूह के अलावा गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है।-श्रीकृष्ण करुणाकरण पांडेय, उपायुक्त (एनआरएलएम), बांदा।

Bundeli women find the way to prosperity through pulse mill

Bundeli women find the way to prosperity through pulse mill- फोटो : BANDA

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