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गवाहों की सुरक्षा को लगाएं बोर्ड
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बांदा। गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर लागू की गई साक्षी सुरक्षा योजना 2018 पर कड़ाई से अमल करने और इसके आवेदन की प्रक्रिया का बोर्ड सभी थानों में लगाने के निर्देश पुलिस महानिरीक्षक के. सत्यनारायणा ने थाना प्रभारियों को दिए हैं।
कहा कि ड्यूटी ब्रीफिंग के समय थाना प्रभारी पुलिस कर्मियों को इस योजना के निर्देश और प्राविधान पढ़कर सुनाएं। इसे थाने की जीडी में भी लिखा जाए। सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में आईजी ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में रिट पर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों का हवाला देकर कहा कि गवाह सुरक्षा (विटनेस प्रोटेक्शन) योजना का थाना स्तर पर व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए।
इसका प्रभावी क्रियान्वयन हो। बीट कांस्टेबिल और चौकी व हल्का इंचार्ज गांवों में चौपाल लगाकर योजना के बारे में लोगों को बताएं। हरेक पुलिस कर्मी इसके प्रति संवेदनशील रहे। आईजी ने निर्देश दिया कि हरेक थाने में नोटिस बोर्ड लगाए जाएं, जिसमें साक्षी सुरक्षा योजना के तहत आवेदन किए जाने की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारी का बड़े अक्षरों में टेलीफोन नंबर लिखा हो।
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कहा कि थाने आने वाले हरेक पीड़ित को भी इसकी जानकारी हो। आईजी ने जमीन से संबंधित विवादों का निस्तारण एसडीएम और राजस्व कर्मियों के साथ मिलकर करने, फरियादियों की बात अच्छे ढंग से सुनकर निस्तारित करने, निस्तारित मामलों को बीच बीच में चेक करने, मुख्यमंत्री मिशन योजना का प्रभावी पालन करने आदि के भी निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सहित अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह चौहान, सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और अभियोजन अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
शिकायतकर्ता या गवाह मांग सकता सुरक्षा
बांदा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गवाहों की सुरक्षा को साक्षी सुरक्षा योजना-2018 लागू करने के आदेश दिए थे। योजना के तहत शिकायतकर्ता या आपराधिक मामलों के गवाहों को सुरक्षा की मांग राज्य सरकार या एसपी से करने का अधिकार दिया गया है।
ऐसी अर्जी मिलने पर राज्य सरकार को सुरक्षा मुहैया कराने का दायित्व सौंपा गया है। सुप्रीमकोर्ट भी इस योजना को विधि का दर्जा देते हुए लागू करने व कानून बनाने का निर्देश राज्य सरकारों को दे चुका है।
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कहा कि ड्यूटी ब्रीफिंग के समय थाना प्रभारी पुलिस कर्मियों को इस योजना के निर्देश और प्राविधान पढ़कर सुनाएं। इसे थाने की जीडी में भी लिखा जाए। सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में आईजी ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में रिट पर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों का हवाला देकर कहा कि गवाह सुरक्षा (विटनेस प्रोटेक्शन) योजना का थाना स्तर पर व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए।
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इसका प्रभावी क्रियान्वयन हो। बीट कांस्टेबिल और चौकी व हल्का इंचार्ज गांवों में चौपाल लगाकर योजना के बारे में लोगों को बताएं। हरेक पुलिस कर्मी इसके प्रति संवेदनशील रहे। आईजी ने निर्देश दिया कि हरेक थाने में नोटिस बोर्ड लगाए जाएं, जिसमें साक्षी सुरक्षा योजना के तहत आवेदन किए जाने की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारी का बड़े अक्षरों में टेलीफोन नंबर लिखा हो।
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कहा कि थाने आने वाले हरेक पीड़ित को भी इसकी जानकारी हो। आईजी ने जमीन से संबंधित विवादों का निस्तारण एसडीएम और राजस्व कर्मियों के साथ मिलकर करने, फरियादियों की बात अच्छे ढंग से सुनकर निस्तारित करने, निस्तारित मामलों को बीच बीच में चेक करने, मुख्यमंत्री मिशन योजना का प्रभावी पालन करने आदि के भी निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सहित अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह चौहान, सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और अभियोजन अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
शिकायतकर्ता या गवाह मांग सकता सुरक्षा
बांदा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गवाहों की सुरक्षा को साक्षी सुरक्षा योजना-2018 लागू करने के आदेश दिए थे। योजना के तहत शिकायतकर्ता या आपराधिक मामलों के गवाहों को सुरक्षा की मांग राज्य सरकार या एसपी से करने का अधिकार दिया गया है।
ऐसी अर्जी मिलने पर राज्य सरकार को सुरक्षा मुहैया कराने का दायित्व सौंपा गया है। सुप्रीमकोर्ट भी इस योजना को विधि का दर्जा देते हुए लागू करने व कानून बनाने का निर्देश राज्य सरकारों को दे चुका है।