फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Bntegi fertilizer market is now in committee

अब मंडी समिति में नहीं बंटेगी खाद

Fri, 16 Jan 2015 11:49 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/ अमर उजाला, बांदा Updated Fri, 16 Jan 2015 11:49 PM IST
विज्ञापन

यूरिया और डीएपी खाद संकट के विरोध मेें आए दिन मंडी

विज्ञापन
परिषद और सामने स्थित नेशनल हाइवे पर प्रदर्शन और जाम का काट अधिकारियों ने ढूंढ लिया है।

अब मंडी परिषद में खाद का वितरण नहीं किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों की समितियों से किसानों की आवाज प्रशासनिक अफसरों तक जाएगी ही नहीं।

कृषि विभाग, पीसीएफ और कोआपरेटिव विभाग के अफसर डीएपी और यूरिया के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे किसानों को सुविधाएं देने की बजाय शासन-प्रशासन के अफसरों को फजीहत बचाने का उपाय कर रहे हैं। मंडी परिषद में डीसीडीएफ, यूपी एग्रो और पीसीएफ केंद्र संचालित हैं।

ये केंद्र शहर में होने की वजह से घर तक खाद ले जाने में किसानों को आसानी होती है। उनके गांवों के रूट पर चलने वाली टैक्सियों में भाड़ा भी कम लगता है। इसी वजह से आसपास के करीब 50 गांवों के किसान यहां खाद लेने आते हैं। खाद केंद्र बंद रहने पर किसान यहां प्रदर्शन और जाम लगाते हैं। अफसरों को मौके पर पहुंचकर किसानों को संभालना पड़ता है।

अब मंडी समिति में खाद न बांटने की अघोषित रणनीति अपनाई गई है। पीसीएफ केंद्र प्रभारी हेमंत कुमार और यूपी एग्रो प्रभारी कमल ने बताया कि हाल ही मेें आई यूरिया खाद की खेप में मंडी परिषद को आवंटन नहीं मिला। खाद सीधे ग्रामीण इलाकों की सोसायटियों में भेज दी गई है।

उधर, जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने कहा कि मंडी परिषद में किसान हंगामा करते हैं, इसलिए अब यहां खाद नहीं आवंटित की जाएगी। सहकारी समितियों में ही वितरण होगा। एआर कोआपरेटिव सुरेश कुमार ने बताया कि शहर में ‘जुगाड़’ वाले ज्यादा परेशान करते हैं। इससे भी बचत होगी और समितियों में किसानों को आसानी से खाद मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed