{"_id":"65930105a37ac7f838045f0d","slug":"blocked-in-protest-against-new-law-on-road-accidents-banda-news-c-212-1-bnd1002-5780-2024-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: सड़क दुघर्टना के नए कानून के विरोध में लगाया जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: सड़क दुघर्टना के नए कानून के विरोध में लगाया जाम
विज्ञापन
बांदा। सड़क हादसे पर बने नए कानून का रोडवेज और प्राइवेट वाहन चालक सामाजिक संघ कड़ा विरोध करते हुए वाहनों का चक्का जाम कर दिया। प्रमुख रूटों की 100 बसें रोडवेज डिपो में खड़ी रहीं, सैकड़ों ट्रक नहीं चले। इससे करीब पांच हजार यात्री परेशान रहे। इन्हें बस अड्डों से वापस घर लौटना पड़ा। हड़ताल से रोडवेज को करीब 15 लाख और ट्रांसपोर्टरों को तकरीबन 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
उधर, प्राइवेट एसोसिएशन ने शहर के मवई बुजुर्ग बाईपास पर जाम लगाकर नारेबाजी की। जाम तकरीबन दो घंटे तक चला। बाद में डीएम और एसपी को संबोधित ज्ञापन कार्यालय आकर सौंपा गया। विरोध के चलते रोडवेज और प्राइवेट बस स्टैंड पर पुलिस फोर्स तैनात रही। लंबे रूटों के लिए जाने वाले यात्रियों को सर्दी में मुसीबत झेलनी पड़ी। वह बस स्टैंड से बैरंग लौटने को मजबूर हुए।
हाल ही में देश में बने सड़क दुर्घटना से संबंधित नए कानून में कहीं पर दुर्घटना होने पर मौके से अगर ड्राइवर उसे अपने हाल पर छोड़कर चला जाता है तो उसको पांच लाख का जुर्माना और 10 साल की सजा का प्रावधान है। इस कानून का विरोध शुरू हो गया है। नए साल की सुबह सोमवार को वाहन चालक मालिक सामाजिक संघ ने इस पर कड़ा विरोध जताया है। सभी प्राइवेट ड्राइवरों ने शहर कोतवाली क्षेत्र के मवई बाईपास पर चक्का जाम कर दिया। उन्होंने बाईपास पर धरना देकर ड्राइवरों के खिलाफ बनाए गए कानून को वापस लेने की मांग की। जाम तकरीबन दो घंटे तक चला। बाद में पुलिस के मौके पर पहुंचने समझाने बुझाने पर उन्होंने जाम को खोल दिया।
विज्ञापन
इसके बाद सभी संघ के पदाधिकारी जिलाध्यक्ष अब्दुल सज्जाद के साथ एसपी कार्यालय आए। यहां उन्होंने एसपी को संबोधित ज्ञापन में कानून को वापस लेने की मांग की। चेताया कि अगर एसोसिएशन की मांग नहीं मानी गई तो वह उग्र आंदोलन करेंगे। उधर, रोडवेज के भी चालकों ने बसों को रोडवेज बस अड्डे पर खड़ा कर दिया। वह बसें लेकर गंतव्य की ओर रवाना नहीं हुए। हालांकि इस विरोध में रोडवेज कर्मचारी संगठन आगे नहीं आया है। संगठन की ओर से कहा गया है ड्राइवरों ने विरोध स्वरूप बस अड्डे में खड़ीं की हैं।
व्यापारियों का माल भी रहा डंप
वाहन चालकों द्वारा कानून का विरोध किए जाने से तमाम व्यापारियों का माल भी लोड नहीं किया जा सका। ड्राइवरों के हड़ताल पर जाने से तमाम व्यापारियों का माल फंसा रहा। ड्राइवरों का कहना था कि जब तक उनकी मांग नहीं मान ली जाती तब तक वह गाड़ी में नहीं चढ़ेंगे।
बोले यात्री
हड़ताल देख लौट गए घर
ग्योरा गांव निवासी मुन्नू ने बताया कि उनको कानपुर जाना था। वह रोडवेज आए थे। यहां बसों की हड़ताल देख वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
रिश्तेदारी से नहीं जा पाए घर
फतेहपुर के मलवां गांव निवासी शिवकुमार ने बताया कि वह भांजे के बरहौं कार्यक्रम में आए थे। आज उन्हें वापस लौटकर घर जाना था। लेकिन यहां बसें न चलने की वजह से वह लौटने को मजबूर हैं।
वर्जन...
जाम की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे। वाहन चालकों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया था। वाहन चालकों ने एसपी को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा है। रोडवेज में भी एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि विरोध प्रदर्शन ज्यादा देर तक नहीं चला। सभी ड्राइवर ज्ञापन देकर चले गए थे। -अनूप दुबे, शहर कोतवाल, बांदा।
विज्ञापन
उधर, प्राइवेट एसोसिएशन ने शहर के मवई बुजुर्ग बाईपास पर जाम लगाकर नारेबाजी की। जाम तकरीबन दो घंटे तक चला। बाद में डीएम और एसपी को संबोधित ज्ञापन कार्यालय आकर सौंपा गया। विरोध के चलते रोडवेज और प्राइवेट बस स्टैंड पर पुलिस फोर्स तैनात रही। लंबे रूटों के लिए जाने वाले यात्रियों को सर्दी में मुसीबत झेलनी पड़ी। वह बस स्टैंड से बैरंग लौटने को मजबूर हुए।
विज्ञापन
हाल ही में देश में बने सड़क दुर्घटना से संबंधित नए कानून में कहीं पर दुर्घटना होने पर मौके से अगर ड्राइवर उसे अपने हाल पर छोड़कर चला जाता है तो उसको पांच लाख का जुर्माना और 10 साल की सजा का प्रावधान है। इस कानून का विरोध शुरू हो गया है। नए साल की सुबह सोमवार को वाहन चालक मालिक सामाजिक संघ ने इस पर कड़ा विरोध जताया है। सभी प्राइवेट ड्राइवरों ने शहर कोतवाली क्षेत्र के मवई बाईपास पर चक्का जाम कर दिया। उन्होंने बाईपास पर धरना देकर ड्राइवरों के खिलाफ बनाए गए कानून को वापस लेने की मांग की। जाम तकरीबन दो घंटे तक चला। बाद में पुलिस के मौके पर पहुंचने समझाने बुझाने पर उन्होंने जाम को खोल दिया।
विज्ञापन
इसके बाद सभी संघ के पदाधिकारी जिलाध्यक्ष अब्दुल सज्जाद के साथ एसपी कार्यालय आए। यहां उन्होंने एसपी को संबोधित ज्ञापन में कानून को वापस लेने की मांग की। चेताया कि अगर एसोसिएशन की मांग नहीं मानी गई तो वह उग्र आंदोलन करेंगे। उधर, रोडवेज के भी चालकों ने बसों को रोडवेज बस अड्डे पर खड़ा कर दिया। वह बसें लेकर गंतव्य की ओर रवाना नहीं हुए। हालांकि इस विरोध में रोडवेज कर्मचारी संगठन आगे नहीं आया है। संगठन की ओर से कहा गया है ड्राइवरों ने विरोध स्वरूप बस अड्डे में खड़ीं की हैं।
व्यापारियों का माल भी रहा डंप
वाहन चालकों द्वारा कानून का विरोध किए जाने से तमाम व्यापारियों का माल भी लोड नहीं किया जा सका। ड्राइवरों के हड़ताल पर जाने से तमाम व्यापारियों का माल फंसा रहा। ड्राइवरों का कहना था कि जब तक उनकी मांग नहीं मान ली जाती तब तक वह गाड़ी में नहीं चढ़ेंगे।
बोले यात्री
हड़ताल देख लौट गए घर
ग्योरा गांव निवासी मुन्नू ने बताया कि उनको कानपुर जाना था। वह रोडवेज आए थे। यहां बसों की हड़ताल देख वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
रिश्तेदारी से नहीं जा पाए घर
फतेहपुर के मलवां गांव निवासी शिवकुमार ने बताया कि वह भांजे के बरहौं कार्यक्रम में आए थे। आज उन्हें वापस लौटकर घर जाना था। लेकिन यहां बसें न चलने की वजह से वह लौटने को मजबूर हैं।
वर्जन...
जाम की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे। वाहन चालकों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया था। वाहन चालकों ने एसपी को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा है। रोडवेज में भी एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि विरोध प्रदर्शन ज्यादा देर तक नहीं चला। सभी ड्राइवर ज्ञापन देकर चले गए थे। -अनूप दुबे, शहर कोतवाल, बांदा।