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Banda News: पहाड़ पर दो दिन से थमे धमाके, अफसरों का इंतजार

Fri, 16 Oct 2026 12:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2026 12:15 AM IST
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Blasts on the mountain have ceased for two days; officials are awaited
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- तुरकहा पहाड़ में ब्लॉस्टिंग बंद होने से ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
- शिकायतों के बावजूद मौके पर नहीं पहुंचे अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
करतल। तहसील नरैनी की ग्राम पंचायत नहरी के मजरा काछिन पुरवा स्थित तुरकहा पहाड़ में दो दिन से ब्लॉस्टिंग बंद है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन उनकी शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारियों के गांव न पहुंचने से नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि मानक विहीन ब्लॉस्टिंग से मकानों को नुकसान पहुंचा है। इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
ग्रामीण अवधराम, राजाभैया, बच्चू और रतीराम ने बताया कि पहाड़ में होल ब्लॉस्टिंग से उनका सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा था। इसको लेकर तहसील से लेकर जिला मुख्यालय तक शिकायत की गई। जिलाधिकारी और एसडीएम नरैनी को दिए गए शिकायती पत्र भी उनके पास हैं। इसके बाद भी संबंधित अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर समस्या का जायजा लेने और ग्रामीणों को समाधान का भरोसा देने का इंतजार है। दो दिन से ब्लॉस्टिंग बंद होने से राहत जरूर मिली है, लेकिन आगे फिर से धमाके शुरू होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि तुरकहा पहाड़ के ऊपर स्थित देवस्थान को भी ब्लॉस्टिंग से नुकसान पहुंच रहा है। इस संबंध में पहाड़ संचालकों से शिकायत की गई थी। संचालकों ने देवस्थान को सुरक्षित कर पीछे की ओर स्थानांतरित करने की बात कही थी, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्थल की सुरक्षा के साथ ही आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
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जांच के इंतजार में ग्रामीण
नहरी पंचायत क्षेत्र के अन्य पहाड़ों पर भी ब्लॉस्टिंग और खनन से समस्याएं सामने आने की बात ग्रामीणों ने कही। उनका कहना है कि खनन कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जाए तो जनजीवन पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सकता है। ग्रामीण चाहते हैं कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर ब्लॉस्टिंग की प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों की जांच करें, ताकि केवल कुछ दिनों के लिए काम बंद रहने के बजाय समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
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