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रामकेश की ताजपोशी कर भाजपा ने खेला ओबीसी कार्ड
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BJP played OBC card by crowning Ramkesh
- फोटो : BANDA
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बांदा। जिलाध्यक्ष पद पर क्षत्रिय (ठाकुर) को हटाकर भाजपा ने पिछड़ा वर्ग के रामकेश निषाद की ताजपोशी कर ओबीसी कार्ड खेला है। यह स्वाभाविक भी है, क्योंकि जिले में पिछड़े वर्ग के सबसे ज्यादा मतदाता हैं। सांसद और दो विधायक यहां पहले से ही पिछड़े वर्ग के हैं। भाजपा के दो अन्य विधायकों में एक ब्राह्मण और दूसरे अनुसूचित जाति के हैं।
यहां के जिलाध्यक्ष को लेकर भाजपा हाईकमान काफी दिनों से पशोपेश में था। प्रदेश और बुंदेलखंड के अधिकांश जिलाध्यक्ष एक माह पहले ही घोषित हो चुके थे पर बांदा का पेंच फंसा था। अंतत: गुरुवार को भाजपा ने बांदा जिलाध्यक्ष भी घोषित कर दिया।
लवलेश सिंह के स्थान पर रामकेश निषाद को कमान सौंप दी। रामकेश पिछड़ा वर्ग से हैं। देर आए, दुरुस्त आए की तर्ज पर भाजपा ने जिले में संख्या बल में सबसे भारी पिछड़ा वर्ग को साधने की पूरी कोशिश की है, जबकि सांसद आरके सिंह पटेल, विधायक चंद्रपाल कुशवाहा (बबेरू) व बृजेश प्रजापति (तिंदवारी) भी पिछड़ा वर्ग से हैं। दो अन्य विधायक प्रकाश द्विवेदी (बांदा) और राजकरन कबीर (नरैनी) क्रमश: ब्राह्मण और अनुसूचित जाति से हैं।
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छात्र जीवन से ज्वाइन की भाजपा
बांदा। भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष रामकेश निषाद पार्टी में कई पदों पर रह चुके हैं। वे विधि स्नातक (एलएलबी) हैं। आयु लगभग 46 वर्ष है। भाजपा से वह 1996 में छात्र जीवन से ही जुड़ गए थे। पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश मंत्री सहित जिला उपाध्यक्ष और जिला महामंत्री भी रहे।
भाजपा मत्स्य प्रकोष्ठ (कानपुर/बुंदेलखंड क्षेत्र) के क्षेत्रीय संयोजक भी रहे। रामकेश निषाद को पिछले वर्ष अगस्त में शासकीय अधिवक्ता भी नामित किया गया था। हालांकि सात महीने बाद ही उन्होंने यह पद छोड़ दिया था। रामकेश निषाद मूलरूप से तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र के पैलानी डेरा गांव के रहने वाले हैं।
उनकी नियुक्ति पर शुक्रवार को उनके गांव में भाजपा नेता मुन्ना निषाद की अगुवाई में मिठाई बांटकर खुशी जताई गई। अध्यक्ष के भाई सुखराम निषाद, अरविंद चंदेल, मुखिया निषाद, ओपी यादव, संजय यादव, राजेंद्र सिंह, गोरे महाराज, रामबाबू निषाद आदि शामिल रहे। अपनी ताजपोशी का श्रेय किसे देंगे पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें यह दायित्व सौंपा है। इस पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
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यहां के जिलाध्यक्ष को लेकर भाजपा हाईकमान काफी दिनों से पशोपेश में था। प्रदेश और बुंदेलखंड के अधिकांश जिलाध्यक्ष एक माह पहले ही घोषित हो चुके थे पर बांदा का पेंच फंसा था। अंतत: गुरुवार को भाजपा ने बांदा जिलाध्यक्ष भी घोषित कर दिया।
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लवलेश सिंह के स्थान पर रामकेश निषाद को कमान सौंप दी। रामकेश पिछड़ा वर्ग से हैं। देर आए, दुरुस्त आए की तर्ज पर भाजपा ने जिले में संख्या बल में सबसे भारी पिछड़ा वर्ग को साधने की पूरी कोशिश की है, जबकि सांसद आरके सिंह पटेल, विधायक चंद्रपाल कुशवाहा (बबेरू) व बृजेश प्रजापति (तिंदवारी) भी पिछड़ा वर्ग से हैं। दो अन्य विधायक प्रकाश द्विवेदी (बांदा) और राजकरन कबीर (नरैनी) क्रमश: ब्राह्मण और अनुसूचित जाति से हैं।
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छात्र जीवन से ज्वाइन की भाजपा
बांदा। भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष रामकेश निषाद पार्टी में कई पदों पर रह चुके हैं। वे विधि स्नातक (एलएलबी) हैं। आयु लगभग 46 वर्ष है। भाजपा से वह 1996 में छात्र जीवन से ही जुड़ गए थे। पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश मंत्री सहित जिला उपाध्यक्ष और जिला महामंत्री भी रहे।
भाजपा मत्स्य प्रकोष्ठ (कानपुर/बुंदेलखंड क्षेत्र) के क्षेत्रीय संयोजक भी रहे। रामकेश निषाद को पिछले वर्ष अगस्त में शासकीय अधिवक्ता भी नामित किया गया था। हालांकि सात महीने बाद ही उन्होंने यह पद छोड़ दिया था। रामकेश निषाद मूलरूप से तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र के पैलानी डेरा गांव के रहने वाले हैं।
उनकी नियुक्ति पर शुक्रवार को उनके गांव में भाजपा नेता मुन्ना निषाद की अगुवाई में मिठाई बांटकर खुशी जताई गई। अध्यक्ष के भाई सुखराम निषाद, अरविंद चंदेल, मुखिया निषाद, ओपी यादव, संजय यादव, राजेंद्र सिंह, गोरे महाराज, रामबाबू निषाद आदि शामिल रहे। अपनी ताजपोशी का श्रेय किसे देंगे पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें यह दायित्व सौंपा है। इस पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।