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बुंदेलखंड में जैविक इंफार्मेशन सेंटर जरूरी
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जैविक कॉरीडोर कार्यशाला में उपस्थित किसान व कृषि विशेषज्ञ।
- फोटो : BANDA
बांदा। कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित जैविक कॉरिडोर कार्यशाला में कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने कहा कि बुंदेलखंड में जैविक खेती की संभावनाएं ज्यादा हैं। यहां दोनों मंडलों में जैविक इंफार्मेशन सेंटर खोलने की आवश्यकता है। यहां कठिया गेहूं, दालें, मोटे अनाज व चना से बने जैविक उत्पाद का अच्छा बाजार है।
हमीरपुर के प्रगतिशील किसान व जैविक उत्पाद व्यवसायी डॉ. देव सिंह ने कहा कि हमीरपुर के किसान जैविक उत्पाद को देश के विभिन्न बाजारों में उपलब्ध करा रहे हैं। जालौन के किसान अशोक सिंह ने कहा कि उन्होंने केंचुआ खाद कई प्रदेशों में बेचा है।
आशियाना फार्मर्स प्रोड्यूसर महेश शर्मा ने बताया कि छोटे किसानों की संख्या ज्यादा है। उनकी समस्याओं को दूर करना जरूरी है। बांदा के जैविक किसान विज्ञान शुक्ला ने बताया कि जैविक खेती ही किसानों का भविष्य तय करेगी।
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झांसी के किसान रघुनंदन, हमीरपुर से हरीशंकर व अवधेश कुमार व चित्रकूट के पुष्पराज ने भी संबोधित किया। कार्यशाला में सह निदेशक प्रसार डॉ. नरेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. बीके गुप्ता, डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. राकेश पांडेय, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ.अनिकेत कोल्हापुरे ने महत्पूर्ण जानकारी दीं।
डॉ. पंकज कुमार ओझा, डॉ. निशि राय, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. मुस्तफा, डॉ. मुकेश चंद, डॉ. श्याम सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र चित्रकूट डॉ. चंद्रमणि त्रिपाठी, प्रो. एसवी द्विवेदी, प्रो. जीएस पवार, डॉ. संजीव, डॉ. वीके सिंह आदि शामिल रहे।
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हमीरपुर के प्रगतिशील किसान व जैविक उत्पाद व्यवसायी डॉ. देव सिंह ने कहा कि हमीरपुर के किसान जैविक उत्पाद को देश के विभिन्न बाजारों में उपलब्ध करा रहे हैं। जालौन के किसान अशोक सिंह ने कहा कि उन्होंने केंचुआ खाद कई प्रदेशों में बेचा है।
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आशियाना फार्मर्स प्रोड्यूसर महेश शर्मा ने बताया कि छोटे किसानों की संख्या ज्यादा है। उनकी समस्याओं को दूर करना जरूरी है। बांदा के जैविक किसान विज्ञान शुक्ला ने बताया कि जैविक खेती ही किसानों का भविष्य तय करेगी।
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झांसी के किसान रघुनंदन, हमीरपुर से हरीशंकर व अवधेश कुमार व चित्रकूट के पुष्पराज ने भी संबोधित किया। कार्यशाला में सह निदेशक प्रसार डॉ. नरेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. बीके गुप्ता, डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. राकेश पांडेय, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ.अनिकेत कोल्हापुरे ने महत्पूर्ण जानकारी दीं।
डॉ. पंकज कुमार ओझा, डॉ. निशि राय, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. मुस्तफा, डॉ. मुकेश चंद, डॉ. श्याम सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र चित्रकूट डॉ. चंद्रमणि त्रिपाठी, प्रो. एसवी द्विवेदी, प्रो. जीएस पवार, डॉ. संजीव, डॉ. वीके सिंह आदि शामिल रहे।