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7 किसानों के अड़ंगे से 8 वर्ष से लटका बिंदकी बाईपास
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बांदा। एक साल का काम सात किसानों के अड़ंगे से आठ वर्ष में भी पूरा न हो सका। मात्र पांच किलोमीटर का बाईपास अधूरा पड़ा है। इस पर अब तक 10 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। बाईपास बिना रोजाना गंभीर मरीजों को लेकर जाने वाली एंबुलेंस और यात्री वाहन भरे बाजार के जाम में फंस रहे हैं। प्रदेश की विधान परिषद में भी इस मुद्दे पर सोमवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने जानकारियां दीं।
बांदा से कानपुर-लखनऊ आदि जाने के लिए फतेहपुर जनपद के बिंदकी कस्बे से होकर गुजरना पड़ता है। बिंदकी नगर पंचायत है। मुख्य हाईवे के दोनों ओर बाजार है। हाईवे पर रात-दिन बड़ी तादाद में वाहनों का आवागमन है। बांदा जनपद से रोजाना एक दर्जन से ज्यादा गंभीर मरीजों को लेकर एंबुलेंस कानपुर या लखनऊ इसी रास्ते से जाती हैं। बसपा सरकार में वर्ष 2011 में बिंदकी कस्बे से बाहर होकर वाहन निकालने के लिए बाईपास स्वीकृत किया गया था। यह 5 किलोमीटर लंबा है। 8 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह तैयार नहीं हो पाया। मंगलवार को बसपा सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे और मौजूदा एमएलसी नसीमुद्दीन सिद्दीकी द्वारा पूछे गए लिखित प्रश्न के जवाब में विधान परिषद में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि बिंदकी बाईपास का काम 27 सितंबर 2011 को शुरू हुआ था। इसे 26 जुलाई 2012 को पूरा हो जाना था। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2011-12 में इसके लिए 8 करोड़ 23 लाख रुपये मंजूर किए थे। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 किलोमीटर मार्ग में साढ़े 4 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। 7 किसानों द्वारा आपसी सहमति से भूमि न दिए जाने से शेष कार्य बाधित है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके लिए फतेहपुर डीएम ने कानपुर भूमि अध्याप्ति अधिकारी को भूमि अधिगृहित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
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बांदा से कानपुर-लखनऊ आदि जाने के लिए फतेहपुर जनपद के बिंदकी कस्बे से होकर गुजरना पड़ता है। बिंदकी नगर पंचायत है। मुख्य हाईवे के दोनों ओर बाजार है। हाईवे पर रात-दिन बड़ी तादाद में वाहनों का आवागमन है। बांदा जनपद से रोजाना एक दर्जन से ज्यादा गंभीर मरीजों को लेकर एंबुलेंस कानपुर या लखनऊ इसी रास्ते से जाती हैं। बसपा सरकार में वर्ष 2011 में बिंदकी कस्बे से बाहर होकर वाहन निकालने के लिए बाईपास स्वीकृत किया गया था। यह 5 किलोमीटर लंबा है। 8 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह तैयार नहीं हो पाया। मंगलवार को बसपा सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे और मौजूदा एमएलसी नसीमुद्दीन सिद्दीकी द्वारा पूछे गए लिखित प्रश्न के जवाब में विधान परिषद में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि बिंदकी बाईपास का काम 27 सितंबर 2011 को शुरू हुआ था। इसे 26 जुलाई 2012 को पूरा हो जाना था। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2011-12 में इसके लिए 8 करोड़ 23 लाख रुपये मंजूर किए थे। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 किलोमीटर मार्ग में साढ़े 4 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। 7 किसानों द्वारा आपसी सहमति से भूमि न दिए जाने से शेष कार्य बाधित है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके लिए फतेहपुर डीएम ने कानपुर भूमि अध्याप्ति अधिकारी को भूमि अधिगृहित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
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