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Banda News: भजन गायिका शहनाज बोलीं-सनातन धर्म से ही मेरी पहचान
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बांदा महोत्सव में भजन प्रस्तुत करतीं भजन गायिका शहनाज अख्तर।
- फोटो : संवाद
बांदा। भजन गायिका शहनाज अख्तर का कहना है कि सनातन धर्म से ही उनकी पहचान है। जिंदगी में जो कुछ भी मिला, वह माता के गीत गाने से मिला है। भजन गाकर ही मशहूर हुई। हालांकि, इसके काफी कुछ सहना पड़ा है। सोशल मीडिया पर लोग गालियां देते हैं। धमकी देते हैं और रिपोर्ट दर्ज करा देते हैं।
देवी गीत गाकर मशहूर हुईं भजन गायिका शहनाज अख्तर रविवार को बांदा महोत्सव में भाग लेने आईं थीं। कार्यक्रम प्रस्तुत करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में शहनाज ने निजी जिंदगी की यादों को साझा किया। उन्होंने बताया कि सनातन धर्म अपनाने पर उनके परिवार को पीटा गया। इस दौरान कोई मेरी मदद के लिए नहीं आया। आज भी लोग सोशल मीडिया पर भद्दे कमेंट करते हैं।
सिवनी (मध्य प्रदेश) जिले के बरघाट में मुस्लिम परिवार में जन्मीं शहनाज अख्तर ने बताया कि 10 वर्ष की आयु में उन्होंने माता रानी के भजन गाने शुरू कर दिए थे। अतीत के पन्ने पलटते हुए उन्होंने कहा कि बचपन में घर के सामने बने गणपति मंदिर के देवी पंडाल में लड्डू का प्रसाद लेने जाती थी। इसका इतना विरोध झेलना पड़ा कि मेरे ही समुदाय के लोगों ने मेरा घर तोड़कर पूरे परिवार को मारा-पीटा। हालात ऐसे बना दिए कि चार दिन तक भूखे रहना पड़ा। इसके बावजूद अपने फैसले पर कायम रही।
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शहनाज ने कहा कि आज भी कहीं परफॉर्म करने जाती हूं तो अपने ही समुदाय के लोग हतोत्साहित करते हैं। कहते हैं कि भजन-कीर्तन गाने की वजह से वह नर्क में जाएगी। शहनाज कहती हैं कि अगर मैं हिंदू धर्म की भक्ति से नर्क में जाऊंगी, तो आपके अब्बा ने कौन सी जन्नत पेश कर रखी है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर एक युवक ने आपत्तिजनक बातें लिखीं और कहा कि वह गलत काम कर रही है। मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है।
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दोस्त की हत्या में पैरोल पर हैं शहनाज
2005 से 2008 तक शहनाज ने भजन गाकर अलग पहचान बना ली। साल 2009 में मुस्लिम दोस्त अजहर खान की हत्या के मामले में शहनाज को जेल जाना पड़ा। इस मामले में शहनाज और एजाज समेत अन्य आरोपियों इनामुल हक, प्रशांत सोनी, मोहित यादव को उम्रकैद की सजा मिली थी। शहनाज फिलहाल पैरोल पर बाहर हैं। साल 2005 में शहनाज का पहला एलबम रिलीज हुआ। अब तक उनके 75 से ज्यादा भजन के एलबम रिलीज हो चुके हैं।
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देवी गीत गाकर मशहूर हुईं भजन गायिका शहनाज अख्तर रविवार को बांदा महोत्सव में भाग लेने आईं थीं। कार्यक्रम प्रस्तुत करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में शहनाज ने निजी जिंदगी की यादों को साझा किया। उन्होंने बताया कि सनातन धर्म अपनाने पर उनके परिवार को पीटा गया। इस दौरान कोई मेरी मदद के लिए नहीं आया। आज भी लोग सोशल मीडिया पर भद्दे कमेंट करते हैं।
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सिवनी (मध्य प्रदेश) जिले के बरघाट में मुस्लिम परिवार में जन्मीं शहनाज अख्तर ने बताया कि 10 वर्ष की आयु में उन्होंने माता रानी के भजन गाने शुरू कर दिए थे। अतीत के पन्ने पलटते हुए उन्होंने कहा कि बचपन में घर के सामने बने गणपति मंदिर के देवी पंडाल में लड्डू का प्रसाद लेने जाती थी। इसका इतना विरोध झेलना पड़ा कि मेरे ही समुदाय के लोगों ने मेरा घर तोड़कर पूरे परिवार को मारा-पीटा। हालात ऐसे बना दिए कि चार दिन तक भूखे रहना पड़ा। इसके बावजूद अपने फैसले पर कायम रही।
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शहनाज ने कहा कि आज भी कहीं परफॉर्म करने जाती हूं तो अपने ही समुदाय के लोग हतोत्साहित करते हैं। कहते हैं कि भजन-कीर्तन गाने की वजह से वह नर्क में जाएगी। शहनाज कहती हैं कि अगर मैं हिंदू धर्म की भक्ति से नर्क में जाऊंगी, तो आपके अब्बा ने कौन सी जन्नत पेश कर रखी है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर एक युवक ने आपत्तिजनक बातें लिखीं और कहा कि वह गलत काम कर रही है। मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है।
दोस्त की हत्या में पैरोल पर हैं शहनाज
2005 से 2008 तक शहनाज ने भजन गाकर अलग पहचान बना ली। साल 2009 में मुस्लिम दोस्त अजहर खान की हत्या के मामले में शहनाज को जेल जाना पड़ा। इस मामले में शहनाज और एजाज समेत अन्य आरोपियों इनामुल हक, प्रशांत सोनी, मोहित यादव को उम्रकैद की सजा मिली थी। शहनाज फिलहाल पैरोल पर बाहर हैं। साल 2005 में शहनाज का पहला एलबम रिलीज हुआ। अब तक उनके 75 से ज्यादा भजन के एलबम रिलीज हो चुके हैं।