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Banda News: गैरइरादतन हत्या में युवक को सात साल कैद
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बांदा। बदनामी से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर लेने के मामले में आरोपी को न्यायाधीश ने अभियुक्त को सात साल की जेल और जुर्माना की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माने की आधी राशि पीड़िता के पिता को देने के आदेश दिए हैं।
पैलानी थाना क्षेत्र के पड़ोहरा गांव की रहने वाली शीतल (20) ने 2 नवंबर 2017 को अपने ननिहाल बिसंडा थाना क्षेत्र के शिव गांव में आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पिता उमाशंकर ने थाने में दी तहरीर में बताया कि पड़ोहरा गांव निवासी राजेश उर्फ बच्चू बेटी को परेशान करता था।
बदनाम करने की धमकी देता था। इससे बचने के लिए बेटी को उसकी ननिहाल भेज दिया था। आरोपी भी शिव गांव पहुंच गया और पड़ोसियों से बेटी के संबंध में झूठी मनगढ़ंत बातें बताने लगा। इससे क्षुब्ध होकर बेटी ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली।
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पुलिस ने आरोपी को धारा 306 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार व जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर पाल ने छह गवाह पेश किए।
मामले की सुनवाई कर रहे सेशन न्यायाधीश कमलेश कच्छल ने दोनों पक्षों की बहस सुनी और आरोपी राजेश उर्फ बच्चू को दोषी पाया। उसे सात वर्ष की सश्रम कैद व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतना होगी। जुर्माने की आधी राशि पीड़िता के पिता को दिए जाने के आदेश दिए।
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पैलानी थाना क्षेत्र के पड़ोहरा गांव की रहने वाली शीतल (20) ने 2 नवंबर 2017 को अपने ननिहाल बिसंडा थाना क्षेत्र के शिव गांव में आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पिता उमाशंकर ने थाने में दी तहरीर में बताया कि पड़ोहरा गांव निवासी राजेश उर्फ बच्चू बेटी को परेशान करता था।
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बदनाम करने की धमकी देता था। इससे बचने के लिए बेटी को उसकी ननिहाल भेज दिया था। आरोपी भी शिव गांव पहुंच गया और पड़ोसियों से बेटी के संबंध में झूठी मनगढ़ंत बातें बताने लगा। इससे क्षुब्ध होकर बेटी ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली।
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पुलिस ने आरोपी को धारा 306 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार व जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर पाल ने छह गवाह पेश किए।
मामले की सुनवाई कर रहे सेशन न्यायाधीश कमलेश कच्छल ने दोनों पक्षों की बहस सुनी और आरोपी राजेश उर्फ बच्चू को दोषी पाया। उसे सात वर्ष की सश्रम कैद व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतना होगी। जुर्माने की आधी राशि पीड़िता के पिता को दिए जाने के आदेश दिए।