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बांदा : आषाढ़ का महीना सूखा, 33.4 मिमी कम हुई बारिश
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Banda: The month of Ashadh is dry, 33.4 mm less rain
- फोटो : BANDA
बांदा। आषाढ़ का महीना 12 जुलाई को बीत जाएगा। इस महीने में अक्सर भरपूर बारिश होती है, लेकिन इस बार आषाढ़ में लगभग सूखा है। आषाढ़ माह तक औसतन 72.61 मिमी तक बारिश होनी चाहिए, मगर अब तक केवल 39.21 मिमी बारिश हुई है। यानी 33.4 मिमी बारिश कम हुई है। मानसून कमजोर होने से अच्छी बारिश के आसार कम हैं। खेतों में बुआई नहीं हो पा रही है। किसानों के खेत सूख रहे हैं।
बुंदेलखंड में इस बार मानसून की शुरूआत काफी कमजोर है। जुलाई का महीना चल रहा है अभी तक एक बार भी तेज गति से बरसात नहीं हुई। बीते साल अब तक करीब 58.73 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। इस वर्ष की तुलना में पिछले साल 19.52 मिमी अधिक बारिश हुई थी। बारिश कम होने के आसार से किसानों के साथ आम लोग भी परेशान हैं।
छह साल पहले जैसे बन रहे हालात
बुंदेलखंड में करीब छह साल बाद कम बारिश हुई है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ दिनेश शाहा का कहना है कि इससे पहले 2014 में आषाढ़ के महीने में ऐसे ही हालात बने थे। हालांकि जुलाई मध्य के बाद झमाझम बारिश हुई थी, लेकिन इसका खास फायदा किसानों को नहीं मिल सका था। इस बार भी वैसे ही हालात बन सकते हैं।
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खरीफ की फसल की बुआई नहीं हुई शुरू
चित्रकूट धाम मंडल में इस बार 416069 हेक्टेयर रकबे पर खरीफ की फसल होनी है। इसमें धान, ज्वार, तिल, बाजरा, मूंगफली, उड़द जैसी फसलें शामिल हैं। बारिश में देरी के चलते अभी तक इन फसलों की बुआई तक शुरू नहीं हो सकी है। किसान रामसुमेर का कहना है कि बारिश नहीं होने से धान की बेड़ तक नहीं हो पा रही है। मनीराम कहते हैं कि बारिश के इंतजार में खेत सूख रहे हैं।
जनपद अब तक हुई बारिश औसत वर्षा
बांदा 20.39 72. 70
चित्रकूट 21.73 72.92
हमीरपुर 5.79 69.50
महोबा 12.48 70.2
बांदा। बारिश नहीं होने से बुंदेलखंड के लोग तेज धूप और उमस से परेशान हैं। यहां पर जुलाई के महीने में भी पारा औसतन 40 डिग्री के आस पास बना हुआ है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ दिनेश शाहा का कहना है कि बंगाल की खाड़ियों से उठा मानसून पूरे उत्तर भारत में सक्रिय है, लेकिन पाकिस्तान की ओर से आने वाली गर्म हवाओं के दबाव के चलते बुंदेलखंड में मानसून कमजोर हो गया है। इस वजह से बारिश कम होने के आसार लग रहे हैं।
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बुंदेलखंड में इस बार मानसून की शुरूआत काफी कमजोर है। जुलाई का महीना चल रहा है अभी तक एक बार भी तेज गति से बरसात नहीं हुई। बीते साल अब तक करीब 58.73 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। इस वर्ष की तुलना में पिछले साल 19.52 मिमी अधिक बारिश हुई थी। बारिश कम होने के आसार से किसानों के साथ आम लोग भी परेशान हैं।
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छह साल पहले जैसे बन रहे हालात
बुंदेलखंड में करीब छह साल बाद कम बारिश हुई है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ दिनेश शाहा का कहना है कि इससे पहले 2014 में आषाढ़ के महीने में ऐसे ही हालात बने थे। हालांकि जुलाई मध्य के बाद झमाझम बारिश हुई थी, लेकिन इसका खास फायदा किसानों को नहीं मिल सका था। इस बार भी वैसे ही हालात बन सकते हैं।
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खरीफ की फसल की बुआई नहीं हुई शुरू
चित्रकूट धाम मंडल में इस बार 416069 हेक्टेयर रकबे पर खरीफ की फसल होनी है। इसमें धान, ज्वार, तिल, बाजरा, मूंगफली, उड़द जैसी फसलें शामिल हैं। बारिश में देरी के चलते अभी तक इन फसलों की बुआई तक शुरू नहीं हो सकी है। किसान रामसुमेर का कहना है कि बारिश नहीं होने से धान की बेड़ तक नहीं हो पा रही है। मनीराम कहते हैं कि बारिश के इंतजार में खेत सूख रहे हैं।
जनपद अब तक हुई बारिश औसत वर्षा
बांदा 20.39 72. 70
चित्रकूट 21.73 72.92
हमीरपुर 5.79 69.50
महोबा 12.48 70.2
बांदा। बारिश नहीं होने से बुंदेलखंड के लोग तेज धूप और उमस से परेशान हैं। यहां पर जुलाई के महीने में भी पारा औसतन 40 डिग्री के आस पास बना हुआ है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ दिनेश शाहा का कहना है कि बंगाल की खाड़ियों से उठा मानसून पूरे उत्तर भारत में सक्रिय है, लेकिन पाकिस्तान की ओर से आने वाली गर्म हवाओं के दबाव के चलते बुंदेलखंड में मानसून कमजोर हो गया है। इस वजह से बारिश कम होने के आसार लग रहे हैं।