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यूक्रेन से बांदा के तीसरे बेटे नीरज ने की घर वापसी
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यूक्रेन से लौटने के बाद घर में माता-पिता और रिश्तेदारों के साथ नीरज। संवाद
- फोटो : BANDA
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अतर्रा। यूक्रेन से सकुशल घर वापसी का सिलसिला जारी है। शनिवार को एक और मेडिकल छात्र घर आ गया। बिसंडा के मानस चौक निवासी किराना व्यावसायी नरेशचंद्र गुप्ता का पुत्र नीरज यूक्रेन में पढ़ रहा था। युद्ध में फंस गया था। अंतत: भारत सरकार ने उसे शुक्रवार की शाम दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचाया।
वहां मौजूद नीरज के चाचा सुरेश, चाची एकता और दोस्त मोनू अग्रहरि, पंकज, विकास आदि ने उसकी अगुवानी की। अपने निजी चार पहिया वाहन से शनिवार को तड़के इन सभी के साथ नीरज घर आ गया। इधर, मां सुनीता और दादी मीरा देवी उसके इंतजार में रात भर जागतीं रहीं। उसके घर आते ही गले लगा लिया और सभी की आंखों में खुशियों के आंसू आ गए।
नीरज ने बताया कि फ्लाइट निरस्त हो जाने से वह यूक्रेन में फंस गया। लेकिन अपना हौंसला नहीं खोया। दो दिन बिना खाए बंकर में बिताए। आसपास धमाकों से वह और उसके साथी सहमे रहे। नीरज का एमबीबीएस में यह तीसरा वर्ष है। कहा कि अब स्थितियां सामान्य होने पर वह पढ़ाई पूरी करने यूक्रेन जाएगा। नीरज के माता-पिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रयासों को सराहा। पूरा दिन पड़ोसी और रिश्तेदार घर आकर नीरज को बधाइयां देते रहे।
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वहां मौजूद नीरज के चाचा सुरेश, चाची एकता और दोस्त मोनू अग्रहरि, पंकज, विकास आदि ने उसकी अगुवानी की। अपने निजी चार पहिया वाहन से शनिवार को तड़के इन सभी के साथ नीरज घर आ गया। इधर, मां सुनीता और दादी मीरा देवी उसके इंतजार में रात भर जागतीं रहीं। उसके घर आते ही गले लगा लिया और सभी की आंखों में खुशियों के आंसू आ गए।
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नीरज ने बताया कि फ्लाइट निरस्त हो जाने से वह यूक्रेन में फंस गया। लेकिन अपना हौंसला नहीं खोया। दो दिन बिना खाए बंकर में बिताए। आसपास धमाकों से वह और उसके साथी सहमे रहे। नीरज का एमबीबीएस में यह तीसरा वर्ष है। कहा कि अब स्थितियां सामान्य होने पर वह पढ़ाई पूरी करने यूक्रेन जाएगा। नीरज के माता-पिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रयासों को सराहा। पूरा दिन पड़ोसी और रिश्तेदार घर आकर नीरज को बधाइयां देते रहे।
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