फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Banda: Oh is there no ahir here

अरे! यहां पर कोई अहीर नहीं है क्या..

Tue, 11 Oct 2022 12:40 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 11 Oct 2022 12:40 AM IST
विज्ञापन
Banda: Oh is there no ahir here
स्वर्गीय सुरेशचंद्र गुप्ता के चित्र पर माल्यार्पण करते तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव। - फोटो : BANDA
बांदा। अरे! यहां कोई अहीर नहीं है क्या? यहां क्रांति रथ लेकर आए मुलायम सिंह यादव ने भाषण के दौरान हंगामा कर रहे हिंदू संगठनों के लोगों को रोकने के लिए यह ललकार लगाई थी। इसके बाद वरिष्ठ सपा नेताओं के हस्तक्षेप पर मामला शांत हुआ था।
विज्ञापन

मुलायम सिंह के चहेतों में शुमार शायर व सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी ने बताया कि वर्ष 1987 में मुलायम सिंह यादव जनता दल का क्रांति रथ लेकर बांदा आए थे। रेलवे क्रासिंग से रथ गुजरते समय हिंदू संगठनों ने पथराव कर दिया।
विज्ञापन

नेताजी (मुलायम सिंह) खामोश रहे और रथ आगे बढ़वा दिया। अलीगंज चौराहे पर उन्होंने माइक संभाला और कार्यकर्ताओं व भीड़ को संबोधित करने लगे। यहां भी हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर गुस्साए मुलायम सिंह ने माइक पर ही ललकार लगाते हुए कहा कि- अरे! यहां कोई अहीर नहीं है क्या? इसी के बाद वरिष्ठ नेताओं ने हंगामा करने वालों को शांत कर वापस किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

बांदवी बताते हैं कि नेता जी की वाणी में प्यार झलकता था। वे मुख्यमंत्री रहते हुए तीन बार बांदा आए। बांदा के गांधी के नाम से मशहूर पूर्व मंत्री स्व. जमुना प्रसाद बोस के घर हर बार जरूर गए।
इनसेट...
इतने मुलायम कि शायर को बना दिया जिलाध्यक्ष
मंच पर शायरी के जरिए तारीफ सुनकर मुलायम सिंह यादव ने शायर शमीम बांदवी को जिले की सियासत की ऊंचाई तक पहुंचा दिया। बांदवी ने बताया कि वर्ष 1999 में हल्ला बोल रैली में उन्होंने गीत सुनाया- ‘इंसाफ पसंद मुलायम आए हैं, ले के खुशियों का खजाना मुलायम आए हैं, तो मुलायम सिंह ने उनका हाथ पकड़ा और कहा कि शमीम तुम तो बेहतरीन हो। इसके बाद हर सभा में उनसे गीत सुनने लगे। उन्हीं की बदौलत वह वर्ष 2011 में जिलाध्यक्ष बने। 16 नवंबर 2008 को हुई बेटी सुकइया की शादी का पूरा खर्च नेताजी (मुलायम) ने उठाया था। यहां उनकी आखिरी जनसभा वर्ष 2011 में राइफल क्लब में हुई। वह विधानसभा प्रत्याशी अमिता वाजपेयी के प्रचार में आए थे।

प्रेस क्लब का किया था लोकार्पण
मुख्यमंत्री के रूप में मुलायम सिंह यादव 9 सितंबर 2005 को यहां आए और नवनिर्मित प्रेस क्लब भवन का लोकार्पण किया था। प्रेस क्लब को स्व. सुरेशचंद्र गुप्ता मेमोरियल का नाम दिया और उनके चित्र पर माल्यार्पण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed