बांदा। कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने किसान आंदोलन के लंबा खिंचने से बाजार वस्तुओं में कमी होने पर चिंता जताई है।
कैट प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार राज ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे किसान आंदोलन से राज्य में विभिन्न वस्तुओं की कमी होने लगी है। दीपावली के तुरंत बाद शादी सहालग का समय शुरू है। जिससे बाजार में मांग बढ़ रही है। ऐसे में माल की आवक रुक रही है। ज्यादातर कारखाने फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुरुग्राम, पानीपत, सोनीपत, मुरादाबाद, मेरठ और राजस्थान की ओर है। प्रदेश के व्यापारी ज्यादातर यहां से माल मंगाते हैं। दिल्ली से मसाले, बेकरी उत्पाद, खाद्य उत्पाद, इंडस्ट्रियल इस्तेमाल की वस्तुएं, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक, मोबाइल आदि का प्रदेश में बड़ा आपूर्तिकर्ता है। लुधियाना, जालंधर, अमृतसर मशीनरी और गरम कपड़ों, होजरी आदि की आपूर्ति का बड़ा केंद्र है। प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य वीरेंद्र गोयल ने बताया कि दिल्ली के अंदर विभिन्न राज्य से वस्तुओं की आवक होती है। पूरे प्रदेश के व्यापारी इनसे माल खरीदकर बेचते हैं। कैट जिलाध्यक्ष अमित सेठ भोलू ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि किसान आंदोलन में अब ट्रांसपोर्टर भी शामिल हो रहे हैं। मजदूर संगठन भी रणनीति बना रहे हैं। यह सभी आंदोलन में शामिल हुए तो महंगाई और बाजार से वस्तुएं गायब हो जाएंगी। कैट नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द किसानों की मांगें सुनकर उनका निवारण करें।