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बांदाः बुखार के बढ़े मरीज, अस्पतालों में भीड़
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बांदा। मौसम में अचानक बदलाव से दिनोंदिन बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में भीड़ लग रही है। फिजीशियन के कक्षों के बाहर अपनी बारी का घंटों इंतजार करते नजर आते हैं। उधर, त्रिवेणी गांव में डिप्थीरिया से तीन बच्चों की मौत के बाद दहशत का आलम है। बच्चों के बीमार होने पर तुरंत अभिभावक उन्हें अस्पताल लेकर पहुंच रहे हैं।
पिछले 24 घंटे में रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में 27 और जिला अस्पताल में करीब 22 बुखार से ग्रसित मरीज भर्ती कराए गए हैं। मेडिकल कालेज में फिजीशियन डॉ. शैलेंद्र कुमार यादव, डॉ. करन राजपूत और डॉ. विनीत कुमार के कक्षों के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। जूनियर डाक्टर भी मरीजों का हाल पूछकर दवा की पर्ची थमाकर चलता करते रहे। मंगलवार को ओपीडी में 1139 मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे।
दूसरी तरफ जिला अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी में लगभग 1200 मरीज आए। इनमें अधिकतर बुखार से ग्रसित थे। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एसडी त्रिपाठी और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता के यहां मरीजों की लाइन लगी रही। उन्हें अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। कुछ मरीजों के तीमारदार जल्दी आराम होने के लिए बाहर की दवाएं लिखवाते दिखे तो कुछ अस्पताल की दवा लेकर घर चले गए।
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ट्रामा सेंटर में बुखार से ग्रसित मवई गांव की सुमन (35), परशुराम निवासी जागेश्वर (60), बिलबई गांव निवासी दिनेश (30), खूंटी चौराहा निवासी सुनीता (50), कटरा निवासी अरविंद (13), जमालपुर गांव निवासी सुलखान सिंह (80), कलेक्टर पुरवा निवासी पुष्पेंद्र (7), दतौली निवासी खुशबू (10), बंगालीपुरा की सीमा (11), बिसंडा निवासी योगेश (4) आदि भर्ती कराए गए हैं।
रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज के मेडिकल आफीसर डॉ.विनीत कुमार ने कहा कि दिन में तेज धूप और उमस तथा रात को ठंड होने से मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। बुखार के मरीज ज्यादा बढ़े हैं। बुखार आने पर खुद मनमर्जी या इधर-उधर से दवा लेकर न खाएं। चिकित्सक से संपर्क कर इलाज कराएं। मच्छरों से बचाव करें और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। शुद्ध पानी पीएं। बासा खाना न खाएं।
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पिछले 24 घंटे में रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में 27 और जिला अस्पताल में करीब 22 बुखार से ग्रसित मरीज भर्ती कराए गए हैं। मेडिकल कालेज में फिजीशियन डॉ. शैलेंद्र कुमार यादव, डॉ. करन राजपूत और डॉ. विनीत कुमार के कक्षों के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। जूनियर डाक्टर भी मरीजों का हाल पूछकर दवा की पर्ची थमाकर चलता करते रहे। मंगलवार को ओपीडी में 1139 मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे।
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दूसरी तरफ जिला अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी में लगभग 1200 मरीज आए। इनमें अधिकतर बुखार से ग्रसित थे। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एसडी त्रिपाठी और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता के यहां मरीजों की लाइन लगी रही। उन्हें अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। कुछ मरीजों के तीमारदार जल्दी आराम होने के लिए बाहर की दवाएं लिखवाते दिखे तो कुछ अस्पताल की दवा लेकर घर चले गए।
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ट्रामा सेंटर में बुखार से ग्रसित मवई गांव की सुमन (35), परशुराम निवासी जागेश्वर (60), बिलबई गांव निवासी दिनेश (30), खूंटी चौराहा निवासी सुनीता (50), कटरा निवासी अरविंद (13), जमालपुर गांव निवासी सुलखान सिंह (80), कलेक्टर पुरवा निवासी पुष्पेंद्र (7), दतौली निवासी खुशबू (10), बंगालीपुरा की सीमा (11), बिसंडा निवासी योगेश (4) आदि भर्ती कराए गए हैं।
रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज के मेडिकल आफीसर डॉ.विनीत कुमार ने कहा कि दिन में तेज धूप और उमस तथा रात को ठंड होने से मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। बुखार के मरीज ज्यादा बढ़े हैं। बुखार आने पर खुद मनमर्जी या इधर-उधर से दवा लेकर न खाएं। चिकित्सक से संपर्क कर इलाज कराएं। मच्छरों से बचाव करें और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। शुद्ध पानी पीएं। बासा खाना न खाएं।