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बांदाः बिना एनओसी चल रहे होटल, मानक भी अधूरे
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संकरी सड़क में चल रहा होटल।
- फोटो : BANDA
बांदा। लखनऊ के चार सितारा होटल में भीषण आग और दम घुटने से चार लोगों की मौत होने के बाद सीएम के सख्त तेवरों से जिले के अफसरों की भी नींद टूटी है। अग्निशमन विभाग मंगलवार को पूरे दिन संकरी सड़कों और गलियों में चल रहे होटल व गेस्ट हाउस की सूची तैयार करने में जुटा रहा। हैरत की बात यह है कि किसी के पास एनओसी नहीं है। सभी को नोटिस देकर जिम्मेदारी से विभाग पल्ला झाड़े है। लखनऊ जैसी घटना यहां हुई तो बड़ी जनहानि से इन्कार नहीं किया जा सकता।
शहर में लगभग 50 से अधिक होटल एवं गेस्ट हाउस हैं। इनमें कई घनी आबादी के बीच संकरे मार्गों में संचालित हैं। अग्निशमन विभाग के मुताबिक, किसी के पास एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं है। जिन्होंने पूर्व में ले रखी है, उनका नवीनीकरण नहीं हुआ है। किसी भी होटल में आग से सुरक्षा के पर्याप्त मानक पूरे नहीं हैं। बड़े होटलों व गेस्ट हाउस में आग से निपटने के बंदोबस्त में सिर्फ पाइप लाइन और फायर एग्जीब्यूशर सिलिंडर हैं।
उधर, सीएम की सख्ती के बाद अग्निशमन विभाग ने चेकिंग अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार से तीन दिन चेकिंग अभियान चलेगा। इसके लिए दिनभर अधिकारी और कर्मी सूची तैयार करने में जुटे रहे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप कुमार सिंह ने कहा कि आग के मानक पूरे न होने और एनओसी न लेने पर अग्निशमन विभाग सिर्फ नोटिस दे सकता है। व्यवस्थाएं लागू करा सकते हैं। लेकिन कार्रवाई बीडीए (बांदा विकास प्राधिकरण) और सिटी मजिस्ट्रेट स्तर से होगी। तीन दिन अभियान चलाकर आग के मानक परखेंगे। होटलों के अलावा जिले में 692 स्कूल-कालेजों की अलग से सूची बनाई गई है।
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दो मॉल व एक होटल का परिवाद सीजेएम कोर्ट में
बांदा। आग से निपटने के मानक पूरे न होने पर शहर में खुले दो मॉल और एक होटल का प्रकरण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में विचाराधीन है। अग्निशमन विभाग की ओर से यहां परिवाद दर्ज है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप सिंह ने बताया कि छावनी स्थित मॉल व एक होटल तथा सब्जी मंडी रोड में खुले मॉल का प्रकरण सीजेएम के यहां चल रहा है। बताया कि मानकों के उल्लंघन में दोषी होने पर 10 साल की जेल या एक लाख रुपये जुर्माना का प्राविधान है। इसके बाद भी मानकों का उल्लंघन होने पर 5000 रुपये प्रतिदिन जुर्माना की व्यवस्था है।
सीएफओ ने सचिव और सिटी मजिस्ट्रेट को भेजा पत्र
बांदा। यदि भविष्य में कोई भी आग की घटना घटित होती है तो जनहानि से इन्कार नहीं किया जा सकता है। यह इबारत मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने होटलों, प्राइवेट अस्पतालों व स्कूल-कालेज संचालकों को जारी नोटिसों में कही है। इसके साथ ही शासन और उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में दर्शाया है कि 15 मीटर से ऊपर और कम ऊंचाई वाले भवनों में आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। न ही कोई मानक पूरे हैं। बांदा विकास प्राधिकरण सचिव और सिटी मजिस्ट्रेट इस पर कार्रवाई कराएं।
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शहर में लगभग 50 से अधिक होटल एवं गेस्ट हाउस हैं। इनमें कई घनी आबादी के बीच संकरे मार्गों में संचालित हैं। अग्निशमन विभाग के मुताबिक, किसी के पास एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं है। जिन्होंने पूर्व में ले रखी है, उनका नवीनीकरण नहीं हुआ है। किसी भी होटल में आग से सुरक्षा के पर्याप्त मानक पूरे नहीं हैं। बड़े होटलों व गेस्ट हाउस में आग से निपटने के बंदोबस्त में सिर्फ पाइप लाइन और फायर एग्जीब्यूशर सिलिंडर हैं।
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उधर, सीएम की सख्ती के बाद अग्निशमन विभाग ने चेकिंग अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार से तीन दिन चेकिंग अभियान चलेगा। इसके लिए दिनभर अधिकारी और कर्मी सूची तैयार करने में जुटे रहे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप कुमार सिंह ने कहा कि आग के मानक पूरे न होने और एनओसी न लेने पर अग्निशमन विभाग सिर्फ नोटिस दे सकता है। व्यवस्थाएं लागू करा सकते हैं। लेकिन कार्रवाई बीडीए (बांदा विकास प्राधिकरण) और सिटी मजिस्ट्रेट स्तर से होगी। तीन दिन अभियान चलाकर आग के मानक परखेंगे। होटलों के अलावा जिले में 692 स्कूल-कालेजों की अलग से सूची बनाई गई है।
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दो मॉल व एक होटल का परिवाद सीजेएम कोर्ट में
बांदा। आग से निपटने के मानक पूरे न होने पर शहर में खुले दो मॉल और एक होटल का प्रकरण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में विचाराधीन है। अग्निशमन विभाग की ओर से यहां परिवाद दर्ज है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप सिंह ने बताया कि छावनी स्थित मॉल व एक होटल तथा सब्जी मंडी रोड में खुले मॉल का प्रकरण सीजेएम के यहां चल रहा है। बताया कि मानकों के उल्लंघन में दोषी होने पर 10 साल की जेल या एक लाख रुपये जुर्माना का प्राविधान है। इसके बाद भी मानकों का उल्लंघन होने पर 5000 रुपये प्रतिदिन जुर्माना की व्यवस्था है।
सीएफओ ने सचिव और सिटी मजिस्ट्रेट को भेजा पत्र
बांदा। यदि भविष्य में कोई भी आग की घटना घटित होती है तो जनहानि से इन्कार नहीं किया जा सकता है। यह इबारत मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने होटलों, प्राइवेट अस्पतालों व स्कूल-कालेज संचालकों को जारी नोटिसों में कही है। इसके साथ ही शासन और उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में दर्शाया है कि 15 मीटर से ऊपर और कम ऊंचाई वाले भवनों में आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। न ही कोई मानक पूरे हैं। बांदा विकास प्राधिकरण सचिव और सिटी मजिस्ट्रेट इस पर कार्रवाई कराएं।

अनूप कुमार सिंह।- फोटो : BANDA