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बांदा : सड़क किनारे घायल मिले विधि छात्र की मौत
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नीरज कुशवाहा। (फाइल फोटो)
- फोटो : BANDA
बांदा। वाहन की टक्कर से बाइक सवार विधि छात्र की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि यूपी-112 को सड़क किनारे गंभीर हालत में पड़े मिले थे। पुलिस को घटनास्थल पर हेलमेट नहीं मिला। सिर पर आई गंभीर चोट मौत का कारण बनी।
कोतवाली नगर क्षेत्र के मथनाखेड़ा गांव निवासी नीरज कुशवाहा (26) पुत्र रामनारायण बुधवार की देर शाम बाइक से बांदा से घर जा रहा था। बड़ोखर ब्लाक कार्यालय के पास सड़क किनारे गंभीर हालत में पड़ा देख राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। यूपी-112 ने उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज पहुंचाया और घरवालों को घटना की जानकारी दी।
प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने रेफर कर दिया। परिजन एंबुलेंस से लखनऊ ले जा रहे थे। रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। परिजनों ने किसी वाहन की टक्कर लगने की आशंका जताई है। भाई पंकज कुशवाहा ने बताया कि नीरज गिरवां गांव स्थित विधि महाविद्यालय में एलएलएम का छात्र था। दो भाइयों में छोटा और अविवाहित था। खेतीबाड़ी में भी हाथ बंटाता था।
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भाई पंकज कुशवाहा ने कहा कि करोड़ों रुपये लागत वाले मेडिकल कॉलेज में न्यूरोलॉजिस्ट नहीं है। नीरज के सिर पर गंभीर चोट आई थी। मेडिकल कालेज इमर्जेंसी के डाक्टरों ने इलाज के नाम पर सिर्फ रस्म अदायगी की और न्यूरो सर्जन को दिखाने की बात कहकर रेफर कर दिया था। यहां न्यूरोलॉजिस्ट नियुक्त होता तो भाई का समय पर इलाज हो जाता और उसकी जान बच सकती थी। यह भी बताया कि पिछले वर्ष मई 2021 में पिता की कोरोना से मौत हो चुकी है। अब घर में वह और मां केसा देवी हैं।
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कोतवाली नगर क्षेत्र के मथनाखेड़ा गांव निवासी नीरज कुशवाहा (26) पुत्र रामनारायण बुधवार की देर शाम बाइक से बांदा से घर जा रहा था। बड़ोखर ब्लाक कार्यालय के पास सड़क किनारे गंभीर हालत में पड़ा देख राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। यूपी-112 ने उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज पहुंचाया और घरवालों को घटना की जानकारी दी।
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प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने रेफर कर दिया। परिजन एंबुलेंस से लखनऊ ले जा रहे थे। रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। परिजनों ने किसी वाहन की टक्कर लगने की आशंका जताई है। भाई पंकज कुशवाहा ने बताया कि नीरज गिरवां गांव स्थित विधि महाविद्यालय में एलएलएम का छात्र था। दो भाइयों में छोटा और अविवाहित था। खेतीबाड़ी में भी हाथ बंटाता था।
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भाई पंकज कुशवाहा ने कहा कि करोड़ों रुपये लागत वाले मेडिकल कॉलेज में न्यूरोलॉजिस्ट नहीं है। नीरज के सिर पर गंभीर चोट आई थी। मेडिकल कालेज इमर्जेंसी के डाक्टरों ने इलाज के नाम पर सिर्फ रस्म अदायगी की और न्यूरो सर्जन को दिखाने की बात कहकर रेफर कर दिया था। यहां न्यूरोलॉजिस्ट नियुक्त होता तो भाई का समय पर इलाज हो जाता और उसकी जान बच सकती थी। यह भी बताया कि पिछले वर्ष मई 2021 में पिता की कोरोना से मौत हो चुकी है। अब घर में वह और मां केसा देवी हैं।